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जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर ‘डिजी यात्रा’ सुविधा शुरू, अब चेहरा बनेगा बोर्डिंग पास

डिजी यात्रा एक फेस रिकग्निशन आधारित डिजिटल प्रणाली है, जिसके तहत यात्रियों को अब एयरपोर्ट पर बार-बार दस्तावेज दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री केवल अपने चेहरे के माध्यम से एयरपोर्ट में प्रवेश कर सकेंगे, यानि 'फेस ही बोर्डिंग पास' बन जाएगा।

जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए आधुनिक और स्मार्ट यात्रा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। यहां ‘डिजी यात्रा’ सुविधा का शुभारंभ कर दिया गया है, जिससे अब यात्रियों को लंबी कतारों और कागजी औपचारिकताओं से काफी राहत मिलेगी। इस पहल के साथ यह एयरपोर्ट देश के चुनिंदा आधुनिक हवाई अड्डों की श्रेणी में शामिल हो गया है।

इस सुविधा का उद्घाटन केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने वर्चुअल माध्यम से किया। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण के इस दौर में ‘डिजी यात्रा’ जैसी पहलें हवाई यात्रा को अधिक सहज, तेज और सुरक्षित बनाएंगी।

क्या है ‘डिजी यात्रा’ सुविधा?

डिजी यात्रा एक फेस रिकग्निशन आधारित डिजिटल प्रणाली है, जिसके तहत यात्रियों को अब एयरपोर्ट पर बार-बार दस्तावेज दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री केवल अपने चेहरे के माध्यम से एयरपोर्ट में प्रवेश कर सकेंगे, यानि ‘फेस ही बोर्डिंग पास’ बन जाएगा।

कैसे काम करेगी यह सुविधा?

यात्रियों को अपने स्मार्टफोन में ‘डिजी यात्रा’ ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद ऐप में अपना बोर्डिंग पास और पहचान पत्र लिंक करना होगा, एयरपोर्ट पहुंचने पर ई-गेट पर QR कोड स्कैन करना होगा, गेट पर लगा कैमरा चेहरे का मिलान करेगा और सत्यापन होते ही गेट स्वतः खुल जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में कुछ ही सेकंड लगेंगे, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और भीड़-भाड़ भी कम होगी।

यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?

इससे लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी, पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस यात्रा होगी, तेज और सहज प्रवेश प्रक्रिया मिलेगी और बेहतर सुरक्षा और पारदर्शिता रहेगी। एयरपोर्ट प्रशासन का दावा है कि इस तकनीक से यात्रियों का कुल यात्रा समय काफी कम हो जाएगा।

अन्य सुविधाओं में भी हुआ विस्तार

डिजी यात्रा के साथ-साथ एयरपोर्ट पर कई अन्य सुविधाओं को भी बेहतर किया गया है। हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा, बच्चों के लिए किड्स जोन, आधुनिक फूड कोर्ट और आरामदायक बैठने की व्यवस्था होगी। साथ ही सुरक्षा जांच प्रक्रिया को भी अधिक तेज और सुव्यवस्थित बनाया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल प्रणाली में यात्रियों के डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा गया है। सभी जानकारी सुरक्षित तरीके से एन्क्रिप्टेड रहती है।

भविष्य की योजनाएं

एयरपोर्ट प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में और भी आधुनिक तकनीकों को लागू किया जाएगा, जिससे यात्रियों को और बेहतर अनुभव मिल सके।

‘डिजी यात्रा’ सुविधा की शुरुआत जॉलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन और हवाई यातायात को भी नई गति देगी।

Written by
Hill Mail

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