कोटद्वार क्षेत्र के दुगड्डा ब्लॉक के अंतर्गत ग्रामसभा क्वैर में भालू के हमले की घटना ने एक बार फिर पहाड़ों में बढ़ते वन्यजीव आतंक को उजागर कर दिया है। घर लौट रही महिला पर हुए इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है।
जानकारी के अनुसार, महिला अपनी बेटी के साथ घास लेकर घर लौट रही थी, तभी रास्ते में अचानक भालू ने हमला कर दिया। महिला के चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और उसे इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।
घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। महिलाएं और बच्चे घरों से निकलने में घबराने लगे हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ रही है, लेकिन सरकार और वन विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
वन विभाग ने घटना के बाद चार कैमरा ट्रैप लगाए हैं और गश्त बढ़ाने की बात कही है, लेकिन स्थानीय लोग इसे सिर्फ औपचारिक कार्रवाई मान रहे हैं। उनका कहना है कि हर घटना के बाद यही कदम उठाए जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं निकला।
ग्रामीणों ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक ठोस नीति, पर्याप्त मुआवजा व्यवस्था और त्वरित राहत प्रणाली लागू नहीं होगी, तब तक ऐसे हमले नहीं रुकेंगे। लोगों ने मांग की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी, वन्यजीवों को आबादी से दूर रखने के उपाय और प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता दी जाए।
स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि पहाड़ों में रहने वाले लोग लगातार खतरे के साये में जी रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
यह घटना एक बार फिर राज्य सरकार के सामने बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए प्रभावी और स्थायी समाधान लागू किया जाएगा।







