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गढ़वाल में भूकंप के दो झटके, सुबह-सुबह दहशत में आए लोग

सुबह की शांत वादियों में अचानक आई हलचल ने गढ़वाल क्षेत्र के लोगों को डरा दिया, जब कुछ ही घंटों के अंतराल में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए।

पहला झटका सुबह करीब 5:03 बजे आया, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। अचानक जमीन में हल्का कंपन महसूस हुआ, जिससे कई लोगों की नींद खुल गई। शुरुआत में कुछ लोगों ने इसे सामान्य हलचल समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन कुछ ही सेकंड में कंपन स्पष्ट होने लगा। घरों के दरवाजे, खिड़कियां और अंदर रखी हल्की वस्तुएं हिलने लगीं।

इसके बाद सुबह 6:30 बजे दूसरा झटका आया, जो पहले की तुलना में अधिक तीव्र महसूस किया गया। इस बार लोग पहले से सतर्क थे, इसलिए जैसे ही धरती हिली, कई लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए। श्रीनगर गढ़वाल सहित आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने इस झटके को साफ तौर पर महसूस किया। कुछ स्थानों पर लोग घबराकर खुले मैदानों और सड़कों की ओर भागते हुए दिखाई दिए।

हालांकि झटके कुछ ही सेकंड तक रहे, लेकिन उनका प्रभाव इतना था कि लोगों में दहशत फैल गई। घरों के अंदर रखे बर्तन, फर्नीचर और अन्य हल्की वस्तुएं हिलती नजर आईं। कई लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि दूसरा झटका ज्यादा तेज था और उसने उन्हें ज्यादा डरा दिया।

राहत की बात यह रही कि इन झटकों के बावजूद किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।

विशेषज्ञों के अनुसार गढ़वाल क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। हिमालयी क्षेत्र में भूगर्भीय हलचल लगातार होती रहती है, जिसके कारण समय-समय पर ऐसे झटके महसूस किए जाते हैं। इसलिए यहां रहने वाले लोगों के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

भूकंप के दौरान सुरक्षा को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि झटके महसूस होते ही तुरंत खुले स्थान पर जाएं, भारी वस्तुओं और इमारतों से दूर रहें, और घबराने की बजाय संयम बनाए रखें। साथ ही, आपात स्थिति के लिए पहले से तैयारी रखना भी आवश्यक है, जैसे जरूरी सामान और संपर्क साधनों को तैयार रखना।

लगातार दो झटकों के कारण कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बना रहा। हालांकि धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है और लोग सतर्कता के साथ अपने दैनिक कार्यों में लौटने लगे हैं।

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Hill Mail

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