बाल विवाह की भेंट चढ़ी नाबालिग, सरकारी तंत्र की नाकामी आई सामने

बाल विवाह की भेंट चढ़ी नाबालिग, सरकारी तंत्र की नाकामी आई सामने

राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र पूरी तरह कमजोर दिखाई देता है। यदि समय रहते आंगनबाड़ी, पंचायत और पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती, तो यह स्थिति टाली जा सकती थी।

बाल विवाह की भेंट चढ़ी एक नाबालिग किशोरी अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। जिस उम्र में उसके हाथों में किताबें होनी चाहिए थीं, उसी उम्र में उसे शादी और मातृत्व का बोझ उठाना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, महज 13 वर्ष की उम्र में उसका विवाह कर दिया गया। अब करीब एक साल बाद वह गर्भवती है और प्रसव पीड़ा से गुजर रही है।

यह घटना राज्य में बाल सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के दावों की पोल खोलती नजर आती है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि प्रशासन और पुलिस की नजरों के सामने यह सब होता रहा, लेकिन किसी ने समय पर रोकने की कोशिश नहीं की।

बाल विवाह निषेध कानून के बावजूद इस तरह की घटनाएं होना कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।

किशोरी का कथित पति भी नाबालिग बताया जा रहा है, जो खुद 12वीं कक्षा का छात्र है। इसके बावजूद न तो परिवारों को रोका गया और न ही स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई की गई। अब जब मामला गंभीर हो गया है, तब पुलिस जांच और कागजी कार्रवाई में जुटी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी कम उम्र में गर्भधारण मां और शिशु दोनों के लिए अत्यंत जोखिम भरा होता है। इसके बावजूद गांवों में जागरूकता की कमी और प्रशासन की ढिलाई ऐसे मामलों को बढ़ावा दे रही है।

राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र पूरी तरह कमजोर दिखाई देता है। यदि समय रहते आंगनबाड़ी, पंचायत और पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती, तो यह स्थिति टाली जा सकती थी।

यह मामला केवल एक परिवार की गलती नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता का उदाहरण है। अब जरूरत है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और जिम्मेदार अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए।

साथ ही, बाल विवाह जैसी कुरीति को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस और निरंतर अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में कोई और मासूम इसकी शिकार न बने।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this