उत्तराखंड की ‘उड़नखटोला योजना’ अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है। राज्य सरकार पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए सी-प्लेन सेवा शुरू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
इस योजना के तहत ऋषिकेश बैराज, टिहरी झील और नैनीताल को आपस में जोड़ने की तैयारी है। हाल ही में ऋषिकेश के पशुलोक बैराज और टिहरी झील में सफल ट्रायल किया गया।
यह ट्रायल स्काईहॉप एविएशन द्वारा 19-सीटर ‘ट्विन ओटर’ विमान से किया गया। ट्रायल की सफलता के बाद इसे आरसीएस (रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम) में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सेवा राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। सी-प्लेन के जरिए पर्यटक कम समय में प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
यूकेएडा (UKADA) के सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, आवश्यक बुनियादी ढांचे का भी तेजी से विकास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नई गाइडलाइन्स के तहत प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अगस्त 2024 में केंद्र सरकार ने वाटरड्रोम लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त कर दी है, जिससे परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है।
जल्द ही राज्य में सी-प्लेन की वाणिज्यिक उड़ानें शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इसके शुरू होने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
पर्यटन स्थलों पर होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं की मांग में वृद्धि होगी। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड को एडवेंचर और आधुनिक पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाए।
सी-प्लेन सेवा से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।








