प्रदेश में चल रही डिजिटल मकान स्व-गणना प्रक्रिया आज समाप्त हो रही है। इसके बाद 25 अप्रैल से जनगणना का अगला चरण शुरू होगा, जिसमें प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण और गणना का कार्य करेंगे। निदेशालय जनगणना ने इस चरण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
डिजिटल स्व-गणना की शुरुआत 10 अप्रैल से की गई थी, जिसमें प्रदेशभर से अब तक करीब 56 हजार लोगों ने अपने मकानों की जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कराई है। इन सभी को एक विशेष एसई आईडी प्रदान की गई है, जिसके आधार पर उनके डेटा का सत्यापन किया जाएगा। जिलों के अनुसार देखें तो देहरादून में सबसे अधिक 9627 लोगों ने स्व-गणना की है, जबकि नैनीताल में 8255 और हरिद्वार में 6410 लोगों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया।
अब दूसरे चरण में 25 अप्रैल से 24 मई तक घर-घर जाकर गणना की जाएगी। इसके लिए कुल 30,839 कर्मियों की टीम गठित की गई है, जिसमें 4,491 सुपरवाइजर और 26,348 प्रगणक शामिल हैं। ये कर्मचारी प्रत्येक घर पर जाकर मकान की जानकारी एकत्र करेंगे और उसे अंतिम रूप देंगे।
निदेशक जनगणना के अनुसार, जिन लोगों ने पहले ही डिजिटल माध्यम से स्व-गणना पूरी कर ली है, उनके घर भी प्रगणक पहुंचेंगे। वे संबंधित एसई आईडी के माध्यम से डेटा का सत्यापन करेंगे। वहीं, जिन लोगों ने स्व-गणना नहीं की है, उन्हें 33 प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी जानकारी दर्ज करानी होगी।
यह पूरी प्रक्रिया प्रदेश में सटीक और अद्यतन आंकड़े जुटाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों को बेहतर दिशा मिल सकेगी।







