देहरादून में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां दूध, पनीर और मावा जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों में मिलावट का बड़ा खेल पकड़ा गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा फरवरी माह में होली के मद्देनजर चलाए गए विशेष अभियान के तहत लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट अब सामने आ गई है, जिसने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, कुल नौ सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें मावा के सैंपल “अनसेफ” यानी उपभोग के लिए खतरनाक पाए गए, जबकि पनीर “सब स्टैंडर्ड” यानी गुणवत्ता में कमजोर पाया गया। यह सैंपल हनुमान चौक स्थित दो डेयरियों से लिए गए थे। इसके अलावा रुड़की से सप्लाई हुए मावे की गुणवत्ता भी खराब पाई गई।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह ने बताया कि मोहकमपुर और मेहुंवाला माफी क्षेत्र से लिए गए दूध के चार सैंपल भी तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। विभाग ने संबंधित कारोबारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इसी दौरान चेकिंग अभियान में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां इंदिरानगर स्थित एक पिज्जा आउटलेट का लाइसेंस एक्सपायर होने के बावजूद उसे एडिट कर वैध दिखाने की कोशिश की गई। इस फर्जीवाड़े के खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं ब्राह्मणवाला क्षेत्र में बिना लाइसेंस संचालित चिकन की दुकान पर भी कानूनी कार्रवाई की गई।
यह पूरा मामला न सिर्फ खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि आम जनता की सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ को भी उजागर करता है। विभाग ने साफ किया है कि आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







