पौड़ी जनपद के सतपुली क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां कथित पुलिस प्रताड़ना से आहत एक युवक ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, सतपुली के निकटवर्ती गांव रैतपुर निवासी युवक पंकज कुमार ने घर से कुछ दूरी पर स्थित एक पुल पर दुपट्टे का फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। आत्महत्या से पहले युवक ने देर रात करीब 12 बजे सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उसने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए सतपुली पुलिस और थानाध्यक्ष को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम पंकज कुमार नशे की हालत में बाइक चला रहा था, इस दौरान उसकी बाइक एक व्यक्ति के पैर पर चढ़ गई, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को थाने ले गई। वहां उसका चालान कर बाइक को सीज कर दिया गया। बाद में शाम करीब 8 बजे युवक को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।
परिजनों के अनुसार, घर लौटने के बाद पंकज सामान्य दिख रहा था। उसने खाना खाया और अपने कमरे में चला गया। लेकिन कुछ ही देर बाद उसने एक वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड किया, जिसमें उसने पुलिस पर मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के आरोप लगाए। वीडियो में उसने यह भी कहा कि पुलिस ने उसके रिश्तेदारों के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
वीडियो अपलोड करने के बाद युवक घर से निकल गया और पास के पुल पर जाकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार ने तत्काल प्रभाव से सतपुली थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए एएसपी को निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि मानसिक तनाव और दबाव में लोग किस हद तक कदम उठा सकते हैं। समाज और प्रशासन दोनों के लिए यह एक चेतावनी है कि संवेदनशील मामलों को अधिक जिम्मेदारी और मानवीय दृष्टिकोण से संभालना आवश्यक है।







