उत्तराखंड में वीकेंड पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ ने यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी। चारधाम यात्रा, शनि अमावस्या और पर्यटन सीजन के चलते राज्य के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर रविवार को सुबह से देर शाम तक जाम की स्थिति बनी रही। हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और नैनीताल के कैंची धाम में हजारों वाहन सड़कों पर रेंगते नजर आए। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे अधिक खराब हालात हरिद्वार-ऋषिकेश हाईवे पर देखने को मिले। रोड़ी बेलवाला क्षेत्र में पंतद्वीप पार्किंग से लेकर फ्लाईओवर तक करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। दोपहर से शाम तक वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहे और लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। शनि अमावस्या के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे थे, वहीं रविवार को भी पर्यटकों और चारधाम यात्रियों की भीड़ कम नहीं हुई। इससे हाईवे पर कई बार यातायात पूरी तरह चरमरा गया।
ऋषिकेश में भी हालात किसी चुनौती से कम नहीं रहे। चारधाम यात्रा पर जा रहे यात्रियों और पर्यटकों के भारी दबाव के कारण सुबह दस बजे से शाम साढ़े छह बजे तक शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बेपटरी रही। स्थिति संभालने के लिए प्रशासन को वाहनों को नेपालीफार्म फ्लाईओवर से डायवर्ट कर भानियावाला-रानीपोखरी मार्ग से भेजना पड़ा। हालांकि इस वैकल्पिक व्यवस्था के चलते यात्रियों को आठ किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए करीब 55 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ा। इससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।
पर्वतीय पर्यटन नगरी मसूरी भी रविवार को जाम की गिरफ्त में रही। बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटकों के कारण माल रोड, लाइब्रेरी चौक, किंग्रेग और शहर के संपर्क मार्गों पर वाहन घंटों तक फंसे रहे। कई पर्यटकों को होटल तक पहुंचने में लंबा इंतजार करना पड़ा, जबकि स्थानीय लोग भी दिनभर ट्रैफिक जाम से जूझते रहे। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार यातायात नियंत्रित करने में जुटी रही, लेकिन वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि व्यवस्था बार-बार बिगड़ती रही।
उधर, नैनीताल जिले के प्रसिद्ध कैंची धाम में भी रविवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भवाली, गरमपानी और कैंची के बीच दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। सड़क पर वाहन रुक-रुक कर चलते रहे, जिससे यात्रियों को घंटों का सफर तय करने में काफी समय लगा। कई लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। कैंची धाम मंदिर प्रबंधन के अनुसार शाम की आरती तक करीब 27 हजार श्रद्धालु बाबा नीम करौरी महाराज के दर्शन कर चुके थे।
लगातार बढ़ती भीड़ और वाहनों के दबाव ने एक बार फिर उत्तराखंड की यातायात व्यवस्था और पार्किंग प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यटन सीजन और चारधाम यात्रा के दौरान हर वर्ष ऐसी स्थिति बनने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ट्रैफिक प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।







