जंग की तपिश से महंगी हुई रसोई: उत्तराखंड में सब्जियों के दाम चढ़े, आम आदमी परेशान

जंग की तपिश से महंगी हुई रसोई: उत्तराखंड में सब्जियों के दाम चढ़े, आम आदमी परेशान

मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल का असर अब उत्तराखंड की रसोई तक पहुंचने लगा है। राज्य के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी जिलों तक सब्जियों की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। परिवहन लागत बढ़ने और बाहरी राज्यों से आने वाली सब्जियों की आवक प्रभावित होने से टमाटर, प्याज, हरी मिर्च और लहसुन के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब और रसोई बजट पर पड़ रहा है।

उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में सब्जियों की आपूर्ति उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों से होती है। देहरादून, ऋषिकेश, हल्द्वानी और श्रीनगर की मंडियों में रोजाना बड़ी संख्या में ट्रकों के माध्यम से सब्जियां पहुंचती हैं। लेकिन डीजल के दाम बढ़ने के बाद ट्रांसपोर्टरों ने मालभाड़ा बढ़ा दिया है, जिससे सब्जियों की ढुलाई महंगी हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में ट्रांसपोर्ट किराए में करीब 10 रुपये प्रति किलोमीटर तक की वृद्धि हुई है।

 

देहरादून की निरंजनपुर मंडी और हल्द्वानी मंडी में टमाटर के दामों में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखी जा रही है। कुछ दिन पहले तक थोक बाजार में 20 से 25 रुपये प्रति किलो बिकने वाला टमाटर अब 30 से 35 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। वहीं फुटकर बाजार में इसकी कीमत 50 से 60 रुपये प्रति किलो हो गई है। इसी तरह प्याज का थोक भाव 18 से बढ़कर 24 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि खुदरा बाजार में यह 35 से 40 रुपये किलो बिक रहा है।

 

हरी मिर्च और लहसुन के दामों में भी तेजी आई है। हरी मिर्च जहां 70 से 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, वहीं लहसुन 180 से बढ़कर 220 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। पहाड़ी जिलों में स्थिति और अधिक गंभीर है, क्योंकि वहां परिवहन लागत पहले से ही अधिक रहती है। चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में सब्जियों के दाम मैदानी क्षेत्रों की तुलना में और ज्यादा बढ़ गए हैं।

 

सब्जी कारोबारियों का कहना है कि यदि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत नहीं मिली और अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में सब्जियों के दामों में और तेजी आ सकती है। व्यापारियों के अनुसार ट्रकों की संख्या कम होने और लंबी दूरी की ढुलाई महंगी होने से मंडियों में सब्जियों की आवक प्रभावित हो रही है।

 

दूसरी ओर गृहिणियों और आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि पहले ही महंगाई से घरेलू बजट बिगड़ा हुआ था, अब सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई चलाना और मुश्किल हो गया है। खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों पर इसका अधिक असर पड़ रहा है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले समय में फल, दूध और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल राज्य में सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है और लोग राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this