उत्तराखंड में मई के महीने ने इस बार लोगों को भीषण गर्मी का अहसास करा दिया है। मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। हरिद्वार और पंतनगर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि राजधानी देहरादून में भी पारा 40 डिग्री के बेहद करीब दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार और उत्तरकाशी जिलों के लिए हीट वेव का येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मंगलवार को देहरादून में अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि हरिद्वार में पारा 40.5 डिग्री और पंतनगर में 40.2 डिग्री तक पहुंच गया। लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दिया और जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे छाते, गमछे और पानी की बोतलों के सहारे नजर आए।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार अगले एक से दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार, देहरादून और उत्तरकाशी के सीमावर्ती क्षेत्रों में कहीं-कहीं भीषण लू चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटों के दौरान इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया है।
गर्मी का असर अब केवल दिन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि रातें भी गर्म होने लगी हैं। देहरादून में न्यूनतम तापमान 23.1 डिग्री, हरिद्वार में 24.5 डिग्री और पंतनगर में 23.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे लोगों को रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री और नई टिहरी में 27.9 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के मुताबिक राजस्थान के थार मरुस्थल की ओर से आने वाली गर्म हवाओं ने उत्तराखंड के मौसम को और अधिक गर्म बना दिया है। इन हवाओं ने वातावरण की नमी को कम कर दिया है, जिससे गर्मी का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है।
भीषण गर्मी के बीच राहत की एक खबर यह है कि उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
उधर मैदानी इलाकों में बढ़ती गर्मी का असर पर्यटन स्थलों पर भी देखने को मिल रहा है। गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी पहुंच रहे हैं। मसूरी की ठंडी हवाएं और सुहावना मौसम लोगों को राहत दे रहा है। मालरोड, कुलड़ी और विभिन्न व्यू प्वाइंट्स पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। शाम के समय पर्यटक मालरोड पर लगी बैंचों पर बैठकर ठंडी हवाओं का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं।
पर्यटन कारोबारियों के अनुसार गर्मी बढ़ने के साथ ही मसूरी में पर्यटन सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है। होटल, रेस्तरां और पर्यटन स्थलों पर रौनक लौट आई है। पर्यटक दून घाटी के विहंगम दृश्य देखने के लिए व्यू प्वाइंट्स का रुख कर रहे हैं, जहां ठंडी हवाएं उन्हें मैदानी इलाकों की झुलसाती गर्मी से राहत दे रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।







