जनता मिलन में पहुंचीं 32 शिकायतें, पेयजल संकट सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा, जिले में लगातार बढ़ती पेयजल समस्याओं को लेकर सोमवार को आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में दूर-दराज के गांवों से पहुंचे लोगों ने जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के सामने पानी की किल्लत, सड़क, आवास और लंबित भुगतानों जैसी समस्याएं रखीं। कार्यक्रम में कुल 32 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें सबसे अधिक शिकायतें पेयजल आपूर्ति से जुड़ी रहीं। डीएम ने संबंधित विभागों को सभी मामलों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।
जनता मिलन के दौरान गहड़-बुआखाल क्षेत्र से पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक वर्ष से इलाके में पेयजल आपूर्ति बाधित चल रही है। ग्रामीणों का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
इसी तरह ल्वाली गांव निवासी सुरेश सिंह बिष्ट ने ज्वालपा पंपिंग योजना की आपूर्ति लंबे समय से ठप होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावित होने से कई परिवारों को पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है। वहीं धनक गांव से आई महिलाओं ने भी गांव में गंभीर पेयजल संकट की शिकायत की। महिलाओं ने बताया कि रोजमर्रा के कामों के लिए उन्हें कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है, जिससे सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बच्चों को हो रही है।
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद डीएम स्वाति एस भदौरिया ने जल संस्थान और संबंधित अधिकारियों को तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और खराब योजनाओं को जल्द दुरुस्त किया जाए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि आम जनता की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्यक्रम में श्रीनगर निवासी संदीप रावत ने सिमल गांव में पेयजल संकट के समाधान के लिए हैंडपंप लगाने की मांग रखी। उनका कहना था कि गांव में पानी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और गर्मी के मौसम में हालात और अधिक खराब हो जाते हैं। इस पर डीएम ने संबंधित विभाग को प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनता मिलन में केवल पेयजल ही नहीं, बल्कि अन्य विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे भी उठे। लोगों ने अटल आवास योजना, सड़क डामरीकरण, पुस्ते निर्माण और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं को भी प्रशासन के सामने रखा। कई ग्रामीणों ने कहा कि योजनाओं की धीमी गति के कारण आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस दौरान सहकारिता विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं। सेवानिवृत्त कर्मचारी जगदीश प्रसाद थपलियाल और भगवान प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2012 में सेवानिवृत्त होने के बावजूद आज तक उनके लंबित देयकों का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कई बार विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर जल्द भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता मिलन कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की भी मौजूदगी रही। इस अवसर पर रघुवीर सिंह रावत, दीपक गुसाईं, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, सीओ तपेश कुमार चंद, एसई मो. मिशम और डीडीओ मनविंदर कौर सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
जनता मिलन में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करेगा। खासतौर पर पेयजल संकट को लेकर लोगों ने त्वरित कार्रवाई की मांग की, ताकि गर्मियों में उन्हें राहत मिल सके।








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