उत्तराखंड सरकार ने टिहरी जिले में खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। युवाओं को बेहतर खेल संसाधन उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से युवा कल्याण विभाग ने जिले के 15 विभिन्न स्थानों पर स्टेडियम, खेल मैदान, बैडमिंटन हॉल, ओपन जिम, दर्शक दीर्घा, सुरक्षा दीवार और शौचालय निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए लगभग तीन करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।
सरकार की इस पहल से जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। लंबे समय से स्थानीय युवाओं और खेल प्रेमियों द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार की मांग की जा रही थी। अब स्वीकृत बजट के माध्यम से इन मांगों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।
जिला युवा कल्याण अधिकारी पंकज तिवारी ने बताया कि स्वीकृत योजनाओं के अंतर्गत देवप्रयाग के चंद्रबदनी स्थित मिनी स्टेडियम में शेड निर्माण, दर्शक दीर्घा तथा चारों ओर सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए 35 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। वहीं बमाण क्षेत्र में ओपन जिम और खेल उपकरणों की स्थापना के लिए तीन लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
प्रतापनगर के राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में खेल मैदान के विकास के लिए 15 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। भिलंगना क्षेत्र के नगर पंचायत घनसाली परिसर में बैडमिंटन हॉल और खेल उपकरणों की स्थापना हेतु 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सांकरी में खेल मैदान निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा जाख में खेल मैदान के विस्तारीकरण, सुरक्षा दीवार और खेल उपकरणों के लिए 10 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।
मोलनो क्षेत्र में ओपन जिम, महिला एवं पुरुष शौचालय तथा सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए 16 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। चंबा के तुंगोली में खेल मैदान के विस्तार हेतु तीन लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसके अलावा दिखोल गांव में सुरक्षा दीवार, फेसिंग, बैठने के लिए बेंच तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
युवा कल्याण विभाग ने कार्यदायी संस्था को सभी स्वीकृत परियोजनाओं पर शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं ताकि युवाओं को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। विभाग का मानना है कि बेहतर खेल आधारभूत संरचना विकसित होने से जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विकास से न केवल युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित किया जा सकेगा, बल्कि उन्हें नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में भी मदद मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से क्षेत्रीय प्रतिभाओं को पहचान मिलने का अवसर मिलेगा।
सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से टिहरी जिले में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी और भविष्य में यहां से अधिक संख्या में खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे।








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