स्थानीय निकाय चुनाव के बीच नरेंद्रनगर नगर पालिका परिषद में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र गुसाईं का नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने विजय का जश्न मनाया, वहीं कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
नरेंद्रनगर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के लिए इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा था। भाजपा की ओर से राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार और कांग्रेस की ओर से राजेंद्र गुसाईं ने नामांकन दाखिल किया था। अध्यक्ष पद पर केवल दो ही उम्मीदवार मैदान में थे, जिससे चुनाव रोचक होने की उम्मीद थी। हालांकि नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा की ओर से कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।
भाजपा मंडल अध्यक्ष साकेत बिजल्वाण ने रिटर्निंग अधिकारी को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया था कि कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र गुसाईं ने अपने शपथपत्र में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई है। शिकायत में कहा गया कि वह बाल कल्याण समिति में सदस्य के रूप में कार्यरत हैं, जो लाभ के पद की श्रेणी में आता है। भाजपा ने इसे निर्वाचन नियमों का उल्लंघन बताते हुए नामांकन निरस्त करने की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद रिटर्निंग अधिकारी डॉ. डी.के. शर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी से मामले में स्पष्टीकरण मांगा और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। प्रशासन के अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी निर्धारित समय तक संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद नामांकन पत्र को निरस्त कर दिया गया।
रिटर्निंग अधिकारी डॉ. शर्मा ने बताया कि नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अध्यक्ष पद के लिए भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। घोषणा के साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाजार में विजय जुलूस निकालकर जीत का जश्न मनाया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, युवा मोर्चा अध्यक्ष मनीष राणा, साकेत बिजल्वाण, मंगल सिंह गुसाईं, सचिन भंडारी, उज्जवल कोहली, उत्सव कोहली और राजवीर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दूसरी ओर कांग्रेस ने इस निर्णय का कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उनके प्रत्याशी को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सूरत सिंह आर्य और मनवीर नेगी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती गई और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर विपक्षी उम्मीदवार को चुनाव मैदान से बाहर किया गया। उन्होंने इस फैसले को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए उच्च स्तर पर मामला उठाने की बात कही।
अध्यक्ष पद का चुनाव भले ही निर्विरोध संपन्न हो गया हो, लेकिन नगर पालिका के वार्ड सभासद पदों के लिए मुकाबला जारी रहेगा। नाम वापसी के अंतिम दिन वार्ड नंबर पांच से आशा देवी ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद सात वार्डों वाली नरेंद्रनगर नगर पालिका परिषद में कुल 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं।
सहायक निर्वाचन अधिकारी सचिन कुमार ने बताया कि नौ जून को नगर पालिका क्षेत्र के आठ मतदान केंद्रों पर वार्ड सभासद पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
नरेंद्रनगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद का निर्विरोध परिणाम राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा इसे नियमों और कानून के अनुरूप हुई कार्रवाई बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करने वाली घटना मान रही है। अब सभी की निगाहें नौ जून को होने वाले वार्ड सभासद चुनावों और उनके परिणामों पर टिकी हुई हैं।








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