भारत-तिब्बत सीमा से सटे उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र नीती घाटी में रविवार को रोमांच, साहस और फिटनेस का अनूठा संगम देखने को मिला। पर्यटन विभाग, आईटीबीपी और भारतीय सेना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026” का रंगारंग शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य उच्च हिमालयी क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना, सीमांत गांवों की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
करीब 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नीती घाटी में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का उद्घाटन उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और पर्यटन संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘फिट इंडिया’ मुहिम को सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
मंत्री चौधरी ने कहा कि “वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज” की अवधारणा के तहत सीमांत गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे आयोजन न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं, बल्कि देशभर के लोगों को सीमांत क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और सामरिक महत्व से भी परिचित कराते हैं।
कार्यक्रम में गृह सचिव शैलेश बगोली, पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ज्याल सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभागियों के साथ दौड़ लगाकर उनका उत्साहवर्धन किया। आयोजन स्थल पर देश के विभिन्न राज्यों से आए धावकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि 31 मई से 2 जून तक आयोजित होने वाले इस मेगा स्पोर्ट्स इवेंट में कुल 933 शौकिया और पेशेवर धावक भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता को विभिन्न श्रेणियों में आयोजित किया गया है, जिनमें 75 किलोमीटर, 42 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ शामिल है।
प्रतियोगिता के पहले दिन रिमखिम-नीती-मलारी मार्ग पर 75 किलोमीटर की अल्ट्रा रन आयोजित की गई, जिसमें 117 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं मलारी-नीती-मलारी के बीच आयोजित 42 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 118 धावकों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। आगामी दिनों में 21 किलोमीटर हाफ मैराथन तथा 10 और 5 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की जाएंगी।
इस आयोजन का सांस्कृतिक पक्ष भी बेहद आकर्षक रहा। प्रतियोगिता की पूर्व संध्या पर मलारी गांव में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध लोकगायक किशन महिपाल ने अपनी लोकप्रिय प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। लोकगीतों की मधुर धुनों पर स्थानीय ग्रामीणों और प्रतिभागियों ने जमकर आनंद उठाया। इससे आयोजन को सांस्कृतिक रंग भी मिला और सीमांत क्षेत्र की समृद्ध लोक परंपराओं को मंच मिला।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीती-रिमखिम घाटी में आयोजित इस प्रतियोगिता के दौरान रनिंग रूट, प्रमुख पड़ावों और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रतिभागियों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सहायता के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
प्रतियोगिता के पहले दिन चमोली जिले के प्रतिभाशाली धावक दिगम्बर सिंह बिष्ट ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की। उन्होंने चुनौतीपूर्ण हिमालयी परिस्थितियों में आयोजित अल्ट्रा रन में पहला स्थान हासिल कर अपनी साहसिक प्रतिभा का लोहा मनवाया। इससे पहले भी वह कई कठिन पर्वतीय दौड़ों में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं।
इसी दौरान सीमांत गांव मलारी में ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सामूहिक रूप से सुना। ग्रामीणों ने कार्यक्रम को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि इससे समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए सकारात्मक संदेश मिलते हैं।
नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026 केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, संस्कृति, फिटनेस और विकास को एक साथ जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरी है। हिमालय की ऊंचाइयों पर आयोजित यह आयोजन आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।








Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked with *