चमोली जिले में स्थित फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और अपनी दुर्लभ जैव विविधता, अल्पाइन पुष्पों तथा मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। हर वर्ष घाटी के खुलने का इंतजार हजारों पर्यटक करते हैं। इस बार भी सीजन की शुरुआत उत्साहपूर्ण रही और पहले दिन ही बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचे।
सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे पार्क प्रशासन की ओर से पूजा-अर्चना कर घाटी के द्वार खोले गए। इसके बाद पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति दी गई। घाटी खुलने के साथ ही अंतिम पड़ाव घांगरिया और भ्यूंडार गांव में भी रौनक लौट आई है। स्थानीय होटल व्यवसायियों, घोड़ा-खच्चर संचालकों, गाइडों और अन्य पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
फोटोग्राफर प्रताप चौहान का कहना है कि फूलों की घाटी प्रकृति के अद्भुत चमत्कारों में से एक है। यहां हर वर्ष बरसात के मौसम में सैकड़ों प्रजातियों के फूल खिलते हैं, जो घाटी को रंगों की जीवंत चादर से ढक देते हैं। यही कारण है कि प्रकृति प्रेमी, वनस्पति वैज्ञानिक और फोटोग्राफर इस घाटी का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
वर्तमान समय में घाटी में 19 प्रजातियों के फूल खिले हुए हैं। इनमें प्रिम्युला डेंटिकुलाटा, कोबरा लिली, स्नेक लिली, वियोला बाइफ्लोरा, मार्श मैरीगोल्ड, थर्मोप्सिस बारबाटा और रतनजोत जैसी कई दुर्लभ एवं आकर्षक प्रजातियां शामिल हैं। आने वाले सप्ताहों में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही फूलों की संख्या और विविधता में तेजी से वृद्धि होगी, जिससे घाटी का सौंदर्य अपने चरम पर पहुंच जाएगा।
पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। रेंज अधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि घाटी क्षेत्र में छह वन कर्मियों की तैनाती की गई है, जो पर्यटकों की निगरानी और मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने बताया कि पर्यटक प्रतिदिन सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक घाटी में प्रवेश कर सकेंगे तथा सभी को शाम पांच बजे तक वापस लौटना अनिवार्य होगा।
थाना प्रभारी घांगरिया अमनदीप सिंह ने बताया कि पुलिस बल भी पूरे सीजन के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा और सहायता के लिए तैनात रहेगा। प्रशासन ने पर्यटकों से पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करने और घाटी की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है।
प्राकृतिक सौंदर्य, दुर्लभ पुष्पों और हिमालयी जैव विविधता का अनूठा संगम मानी जाने वाली फूलों की घाटी एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। आने वाले दिनों में जब हजारों फूल पूरी तरह खिलेंगे, तब यह घाटी सचमुच धरती पर स्वर्ग का एहसास कराएगी।


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