जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त, सीएमओ को नोटिस और अभियंता का वेतन रोका

जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त, सीएमओ को नोटिस और अभियंता का वेतन रोका

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर दर्ज जनशिकायतों के निस्तारण में लगातार मिल रही लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की अनुपस्थिति और लंबित शिकायतों पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि बिजली विभाग के एक अधीक्षण अभियंता का वेतन रोकने के आदेश भी दिए गए हैं।

गुरुवार को आयोजित सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक में कई विभागों में बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। समीक्षा के दौरान सामने आया कि स्वास्थ्य विभाग में 36 दिनों से अधिक समय से 345 शिकायतें लंबित हैं। इसके अलावा शहरी विकास विभाग में 384, पुलिस विभाग में 309, लोक निर्माण विभाग में 299, ऊर्जा निगम में 234, जल संस्थान में 183 और राजस्व विभाग में 174 शिकायतें लंबित पाई गईं।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम जनता की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शिकायतकर्ता को समाधान की स्थिति से अवगत कराना भी संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होगी।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग का कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ, जिस पर जिलाधिकारी ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया। अधिकारियों की अनुपस्थिति को प्रशासनिक जिम्मेदारियों के प्रति उदासीनता बताते हुए उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न होने की चेतावनी दी।

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि अब प्रत्येक 10 दिन में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा की जाएगी। विभागीय अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करने और समाधान की वास्तविक स्थिति की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बड़े विभागों में तीन अंकों और छोटे विभागों में दो अंकों से अधिक शिकायतें लंबित नहीं रहनी चाहिए।

बैठक में ‘समाधान दिवस’ के तहत प्राप्त शिकायतों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को आयोजित समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को उसी दिन सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाए। साथ ही लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत समाधान सुनिश्चित किया जाए।

इसी बीच विकास कार्यों में लापरवाही पर भी जिलाधिकारी ने कड़ा रुख दिखाया। जीएमएस रोड स्थित बल्लीवाला फ्लाईओवर से कांवली रोड होते हुए सहारनपुर चौक तक चल रहे अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने मौके पर कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कार्यस्थल पर पर्याप्त संख्या में श्रमिक और संसाधन उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण परियोजना की गति बेहद धीमी थी। सड़क किनारे निर्माण सामग्री और मलबा बिखरा होने से आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए रोड कटिंग की शर्तों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य को 500-500 मीटर के हिस्सों में विभाजित कर युद्धस्तर पर पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को हो रही असुविधा को जल्द समाप्त किया जा सके।

जिलाधिकारी की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही और जनहित के प्रति सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार की प्राथमिकता जनसमस्याओं का त्वरित समाधान और विकास कार्यों को समय पर पूरा करना है, जिसके लिए सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।

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