सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में भाजपा नेता विनोद कश्यप की हत्या के बाद भड़की हिंसा और उपद्रव के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। गांव में अभी भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जिसके मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने और हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। मामले में दर्ज मुकदमे के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाल प्रदीप रावत ने बताया कि वरिष्ठ उपनिरीक्षक (एसएसआई) मनमोहन सिंह की तहरीर पर 150 अज्ञात और नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस विभिन्न वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि हिंसा के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को जल्द ही चिन्हित कर लिया जाएगा।
इस बीच, हत्या के मामले में पुलिस को एक और सफलता मिली है। पुलिस ने एक अन्य आरोपी इम्तियाज पुत्र शमशुद्दीन निवासी लखनवाला, सहसपुर को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड में पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। पुलिस का कहना है कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गौरतलब है कि 13 जून की शाम बैरागीवाला गांव में खेतों की सिंचाई के पानी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट और हमले में भाजपा नेता विनोद कश्यप गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना में कई अन्य लोग भी घायल हुए थे।
विनोद कश्यप की मौत की खबर फैलते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इस दौरान कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे क्षेत्र का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
सोमवार को भी बैरागीवाला गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। मृतक के परिजन और समर्थक विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन से बातचीत करते रहे। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पूरे दिन परिजनों के संपर्क में रहे तथा उन्हें अंतिम संस्कार के लिए मनाने का प्रयास करते रहे। लंबी बातचीत और आश्वासनों के बाद परिजन अपराह्न करीब तीन बजे अंतिम संस्कार के लिए सहमत हुए। इसके बाद शाम करीब पांच बजे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विनोद कश्यप का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
प्रशासन ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात है तथा लगातार गश्त की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
एसपी ग्रामीण पंकज गैरोला ने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच की जा रही है। हत्या, हिंसा और उपद्रव में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा। प्रशासन की प्राथमिकता क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करना है।
बैरागीवाला की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक साधारण विवाद का हिंसक संघर्ष में बदल जाना और उसके बाद उपजा तनाव सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की निगाह अब शांति व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने पर टिकी हुई है।








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