फूलों की घाटी में पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद, 17 दिनों में 3628 प्रकृति प्रेमियों ने किया दीदार

फूलों की घाटी में पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद, 17 दिनों में 3628 प्रकृति प्रेमियों ने किया दीदार

विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान में इस वर्ष पर्यटन सीजन की शुरुआत बेहद उत्साहजनक रही है। यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर सूची में शामिल यह अनमोल प्राकृतिक धरोहर देश-विदेश के पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रही है। एक जून को घाटी के द्वार खुलने के बाद महज 17 दिनों के भीतर 3628 पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी है, जिससे पर्यटन कारोबारियों और वन विभाग में उत्साह का माहौल है।

समुद्र तल से करीब 3,658 मीटर की ऊंचाई पर स्थित फूलों की घाटी अपने अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य, दुर्लभ हिमालयी पुष्पों और समृद्ध जैव विविधता के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है। मानसून के आगमन से पहले ही यहां पर्यटकों की भारी आमद यह संकेत दे रही है कि वर्ष 2026 का पर्यटन सीजन नए रिकॉर्ड स्थापित कर सकता है।

भ्यूंडार घाटी में स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान इन दिनों हरियाली से आच्छादित है। मौसम भी सुहावना बना हुआ है, जिसके चलते प्रकृति प्रेमी, ट्रेकर्स और फोटोग्राफी के शौकीन बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं। घाटी में खिलने वाले विभिन्न प्रजातियों के हिमालयी फूल, बर्फ से ढकी चोटियां और शांत वातावरण पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं।

वैली ऑफ फ्लावर्स राष्ट्रीय उद्यान की रेंज अधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि एक जून से 17 जून तक कुल 3628 पर्यटक घाटी की सैर कर चुके हैं। इनमें 3610 भारतीय और 18 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। इस अवधि में पार्क प्रशासन को 6 लाख 4 हजार 150 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि सीजन की शुरुआत में ही इतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों का पहुंचना बेहद सकारात्मक संकेत है।

पिछले वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान कुल 1981 पर्यटक फूलों की घाटी पहुंचे थे। इनमें 1961 भारतीय और 20 विदेशी पर्यटक शामिल थे। उस समय पार्क प्रशासन को 3 लाख 83 हजार 950 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस वर्ष पर्यटकों की संख्या में करीब 83 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क, पर्यटन सुविधाओं में सुधार, सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता और उत्तराखंड में साहसिक एवं प्रकृति आधारित पर्यटन के प्रति बढ़ती रुचि के कारण पर्यटकों की संख्या में यह उछाल देखने को मिल रहा है। इसके अलावा फूलों की घाटी को लेकर देश-विदेश में जागरूकता बढ़ने से भी यहां आने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

रेंज अधिकारी चेतना कांडपाल के अनुसार आगामी दिनों में घाटी का वास्तविक पीक सीजन शुरू होगा। जुलाई और अगस्त के महीनों में यहां विभिन्न रंगों और प्रजातियों के हजारों फूल पूर्ण रूप से खिलते हैं, जिससे घाटी का सौंदर्य अपने चरम पर पहुंच जाता है। ऐसे में पर्यटकों की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है। इसे देखते हुए वन विभाग और पार्क प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

उन्होंने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है। ट्रैक मार्गों की निगरानी, सूचना केंद्रों की व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि इस विश्व धरोहर स्थल की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता सुरक्षित बनी रहे।

फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1982 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था और वर्ष 2005 में इसे यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर सूची में शामिल किया गया। यहां सैकड़ों प्रजातियों के दुर्लभ फूल और वनस्पतियां पाई जाती हैं, जिनमें कई औषधीय महत्व की भी हैं। यही कारण है कि यह स्थान वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

सीजन के शुरुआती 17 दिनों में ही रिकॉर्ड पर्यटक संख्या ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फूलों की घाटी का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। यदि यही रुझान जारी रहा तो इस वर्ष पर्यटन और राजस्व दोनों के मामले में नए कीर्तिमान स्थापित हो सकते हैं।

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