अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर झांसी में आयोजित भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहभागिता करते हुए प्रदेशवासियों को योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत योग के महत्व को दर्शाने वाले वैदिक मंत्रोच्चार से हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्राचीन संस्कृत श्लोक “न तस्य रोगो न जरा न मृत्युः प्राप्तस्य योगाग्निमयं शरीरम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि योग मनुष्य को रोग, जरा और अनेक शारीरिक-मानसिक समस्याओं से दूर रखने का प्रभावी माध्यम है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और अनुशासित बनाने की भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की इस महान विरासत को स्वीकार कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के कारण योग को वैश्विक पहचान मिली और संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी परंपरा आज विश्व के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने भारत की संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक धरोहर को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाने का कार्य किया है। योग के माध्यम से भारत ने पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है। आज योग मानवता के कल्याण का एक वैश्विक अभियान बन चुका है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों के साथ विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उपस्थित लोगों ने सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वज्रासन, भुजंगासन तथा अन्य योग क्रियाओं का अभ्यास किया। कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ई-आयुष पत्रिका का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि आयुष पद्धति और योग भारतीय चिकित्सा परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न चुनौतियों के बीच आयुष और योग लोगों को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ई-आयुष पत्रिका के माध्यम से आयुष संबंधी ज्ञान और जागरूकता को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन रहा। पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री ने देशभर में आयोजित योग दिवस कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए योग को मानवता के लिए एकता, स्वास्थ्य और शांति का माध्यम बताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग व्यक्ति, समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने का माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का भी विकास होता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयोजन में सहभागी सभी लोगों का अभिनंदन करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योग दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प है। यदि प्रत्येक नागरिक योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाए, तो एक स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव होगा।
झांसी में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।








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