टिहरी जनपद के ग्राम सौड़ उप्पू में गुलदार के बढ़ते आतंक ने ग्रामीणों की चिंता और भय को बढ़ा दिया है। सोमवार रात गुलदार ने अलग-अलग स्थानों पर हमला कर एक सात वर्षीय बच्ची और एक महिला को घायल कर दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि ग्रामीणों ने वन विभाग पर पहले से दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब पौने नौ बजे ग्राम सौड़ उप्पू निवासी सात वर्षीय तानवी राणा, पुत्री रमेश राणा, अपने घर की दो मंजिला छत पर बैठकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान अचानक गुलदार सीढ़ियों के रास्ते छत तक पहुंच गया और बच्ची पर हमला कर दिया। गुलदार के हमले से बच्ची गंभीर रूप से घबरा गई और शोर मचाने लगी। परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद गुलदार वहां से भाग निकला। हमले में बच्ची घायल हो गई, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
ग्रामीण अभी इस घटना से उबर भी नहीं पाए थे कि देर रात गुलदार ने एक और हमला कर दिया। उप्पू तल्ला निवासी सुषमा देवी, पत्नी रमेश दास, अपने बच्चों के साथ मकान की छत पर सो रही थीं। इसी दौरान गुलदार ने उन पर हमला बोल दिया। हमले में महिला के सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके चलते उन्हें टांके लगाने पड़े। परिवार के लोगों के शोर मचाने पर गुलदार वहां से भी भाग निकला।
दोनों घायलों को रात में ही स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। मंगलवार सुबह उनका जिला अस्पताल में भी चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार तानवी और सुषमा दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्राम पंचायत सौड़ उप्पू के प्रधान विक्की गुसांई ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियां देखी जा रही थीं। इस संबंध में वन विभाग को कई बार सूचित भी किया गया था, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता था।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीनों से गुलदार आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास लगातार दिखाई दे रहा है। शाम ढलते ही लोग घरों से निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
उत्तराखंड किसान सभा की टिहरी जिला परिषद के सदस्य भगवान सिंह राणा ने भी वन्यजीवों के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों से लगातार जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों और किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान के संबंध में प्रशासन और वन विभाग को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों का बढ़ता आतंक ग्रामीणों के जीवन और आजीविका दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
उधर वन विभाग ने घटना के बाद क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। फॉरेस्टर अजयपाल ने बताया कि हमले की सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंच गई थी। पूरी रात क्षेत्र में गश्त की गई और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी गई। उन्होंने बताया कि गुलदार को पकड़ने के लिए आवश्यक तैयारी की जा रही है तथा विभागीय टीमों को लगातार क्षेत्र में तैनात किया गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को देने की अपील की है।








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