Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ उत्तराखंड के पुलिस थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला अंबाला से गिरफ्तार, सोशल मीडिया पोस्ट से फैलाना चाहता था दहशत
उत्तराखंड न्यूज़क्राइमदेहरादूनसरोकार

उत्तराखंड के पुलिस थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला अंबाला से गिरफ्तार, सोशल मीडिया पोस्ट से फैलाना चाहता था दहशत

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि 21 जून को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर ऐसे पोस्ट प्रसारित हुए, जिनमें उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों में बम धमाके करने की धमकी दी गई थी। इन पोस्टों के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में सतर्कता बढ़ा दी गई और मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की गई।

धमकी भरे संदेशों के प्रसार के बाद संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट और प्लेटफॉर्म संचालकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। साथ ही देहरादून कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम को सोशल मीडिया पोस्ट के स्रोत और आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

पुलिस ने साइबर जांच, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के जरिए सोशल मीडिया पोस्ट की पड़ताल की। जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीम हरियाणा के अंबाला पहुंची और रविवार को आरोपी जसप्रीत सिंह, पुत्र स्वर्गीय जोगिंद्र सिंह, निवासी कोतवाली बाजार सराय, थाना कोतवाली नगर, जिला अंबाला, को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में स्थानीय युवकों और निहंग सिखों के बीच हुए विवाद के बाद वह पुलिस की कार्रवाई से नाराज था। इसी आक्रोश में उसने सोशल मीडिया पर धमकी भरी पोस्ट साझा की। आरोपी का कहना था कि उसका उद्देश्य लोगों में भय और दहशत का माहौल बनाना तथा पुलिस को चुनौती देना था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की इस हरकत को बेहद गंभीरता से लिया गया क्योंकि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की धमकियां कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं और आम लोगों में अनावश्यक डर का माहौल पैदा कर सकती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे संदेश अफवाहों को बढ़ावा देने के साथ सुरक्षा एजेंसियों के लिए अतिरिक्त चुनौती भी उत्पन्न करते हैं।

एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति यदि सोशल मीडिया के माध्यम से धमकी, अफवाह या समाज में भय फैलाने वाला संदेश प्रसारित करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की साइबर टीमें ऐसे मामलों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया सूचना का प्रभावी माध्यम है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। फर्जी या धमकी भरे संदेश न केवल लोगों में भ्रम और डर पैदा करते हैं, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के संसाधनों पर भी अनावश्यक दबाव डालते हैं। ऐसे मामलों में तकनीकी जांच के माध्यम से आरोपियों तक पहुंचना अब पहले की तुलना में अधिक आसान हो गया है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में कर्णप्रयाग क्षेत्र में स्थानीय युवकों और निहंग सिखों के बीच हुए विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विवाद या असहमति के बावजूद कानून अपने हाथ में लेने या धमकी भरे संदेश प्रसारित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।

फिलहाल आरोपी के खिलाफ देहरादून कोतवाली में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस उससे आगे भी पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी भरे संदेश के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या समूह तो शामिल नहीं था। साथ ही सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भड़काऊ, धमकी भरी या संदिग्ध पोस्ट को साझा करने से बचें और ऐसी सामग्री दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...