उत्तराखंड रोडवेज के बेड़े में जुड़ेंगी 814 नई बसें, बोर्ड ने दी मंजूरी, कर्मचारियों का डीए भी बढ़ा

उत्तराखंड रोडवेज के बेड़े में जुड़ेंगी 814 नई बसें, बोर्ड ने दी मंजूरी, कर्मचारियों का डीए भी बढ़ा

उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) के बेड़े को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। रोडवेज बोर्ड ने निगम के लिए 814 नई बसों की खरीद को मंजूरी दे दी है। बुधवार को सचिवालय में आयोजित रोडवेज बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बोर्ड के अध्यक्ष एल. फैन्नई की अध्यक्षता में हुई बैठक में नई बसों की खरीद के अलावा कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि, तकनीकी कर्मचारियों की आउटसोर्स भर्ती और अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि रोडवेज लंबे समय से अपने पुराने हो चुके बस बेड़े को चरणबद्ध तरीके से बदलने की योजना पर काम कर रहा है। इसी उद्देश्य से एक बार में 814 नई बसों की खरीद की अनुमति ली गई है, ताकि हर बार नई बसों के लिए अलग-अलग बोर्ड से मंजूरी लेने की आवश्यकता न पड़े। निगम की पुरानी बसें जैसे-जैसे सेवा से बाहर होकर नीलाम होती जाएंगी, उनकी जगह नई बसों को बेड़े में शामिल किया जाएगा। इससे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

रोडवेज ने नई बसों की खरीद के लिए पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष योजना तैयार की है। प्रस्ताव के अनुसार कुल 814 बसों में से 580 छोटी बसें खरीदी जाएंगी। ये बसें 32 से 34 सीटों की क्षमता वाली होंगी और मुख्य रूप से पर्वतीय मार्गों पर संचालित की जाएंगी। पहाड़ी क्षेत्रों की संकरी और घुमावदार सड़कों पर छोटी बसों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक माना जाता है।

वहीं मैदानी क्षेत्रों के लिए 50 सीटों वाली 234 बड़ी बसें खरीदी जाएंगी। इन बसों का उपयोग लंबी दूरी और अधिक यात्री संख्या वाले मार्गों पर किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से पर्वतीय क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को अधिक मजबूती मिलेगी, जबकि मैदानी रूटों पर भी यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

गौरतलब है कि राज्य सरकार की 30 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में रोडवेज को 250 नई बसें खरीदने की मंजूरी पहले ही मिल चुकी थी। अब बोर्ड द्वारा 814 बसों की खरीद को स्वीकृति मिलने के बाद निगम भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित तरीके से अपने बेड़े का विस्तार कर सकेगा। इससे निगम की परिचालन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बसों में सफर करने का अवसर मिलेगा।

बैठक में रोडवेज के स्थायी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। इसके तहत निगम के 1,839 स्थायी अधिकारी और कर्मचारियों का डीए 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 55 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि यह दर अभी भी राज्य सरकार के कर्मचारियों को मिल रहे 60 प्रतिशत महंगाई भत्ते से कम है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि भविष्य में इसे भी सरकार के बराबर किया जाएगा।

इसके अलावा हाल ही में राज्य सरकार द्वारा अस्थायी कर्मचारियों के संबंध में लिए गए निर्णयों और व्यवस्थाओं को भी रोडवेज में लागू करने पर सहमति बनी। इससे अस्थायी कर्मचारियों को भी निर्धारित सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

बैठक में रोडवेज के तकनीकी स्टाफ की कमी पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि निगम में मैकेनिक, वेल्डर और अन्य तकनीकी कैडर के 250 से अधिक पद लंबे समय से खाली हैं। नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक इन पदों पर कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से भर्ती करने का निर्णय लिया गया है। बोर्ड ने इसके लिए आउटसोर्स एजेंसी से अनुबंध करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान कर दी।

बैठक में रोडवेज की प्रबंध निदेशक रीना जोशी सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि नई बसों की खरीद, कर्मचारियों को राहत और तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता जैसे फैसलों से रोडवेज की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही प्रदेश के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी जिलों तक यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में यह निर्णय महत्वपूर्ण साबित होगा।

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