चारधाम यात्रा के दौरान कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को लेकर रुद्रप्रयाग में नया विवाद खड़ा हो गया है। रविवार को सोनप्रयाग, सीतापुर और फाटा क्षेत्र से एकत्र किए गए कूड़े से भरे पांच ट्रकों को नगर पालिका के रैतोली स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में प्रवेश करने से रोक दिया गया। नगर पालिका के वार्ड नंबर-2 के सभासद अंकुर खन्ना ने ट्रकों को वापस लौटाते हुए आरोप लगाया कि बिना किसी लिखित प्रशासनिक अनुमति के बड़ी मात्रा में बाहरी क्षेत्र का कूड़ा रुद्रप्रयाग लाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
घटना के दौरान ट्रंचिंग ग्राउंड पर कुछ समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। सभासद अंकुर खन्ना ने स्पष्ट कहा कि रुद्रप्रयाग नगर पालिका का ट्रंचिंग ग्राउंड सीमित क्षमता वाला है और यहां पहले से ही नगर क्षेत्र का कूड़ा निस्तारित किया जाता है। ऐसे में यात्रा मार्ग के विभिन्न इलाकों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कूड़ा लाने से ट्रंचिंग ग्राउंड पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह लगातार बाहरी कूड़ा डंप किया गया तो क्षेत्र में दुर्गंध, प्रदूषण और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
सभासद ने यह भी आरोप लगाया कि कूड़ा लेकर पहुंचे ट्रकों के पास कोई वैध लिखित अनुमति या प्रशासनिक आदेश उपलब्ध नहीं था। उनका कहना था कि केवल मौखिक निर्देशों के आधार पर नगर पालिका क्षेत्र में कूड़ा डंप करना नियमों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जब तक इस संबंध में स्पष्ट लिखित आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक बाहरी क्षेत्रों से कूड़ा रुद्रप्रयाग ट्रंचिंग ग्राउंड में न लाया जाए।
इस पूरे मामले पर नगर पालिका प्रशासन ने अलग पक्ष रखा है। नगर पालिका के अधिशासी अभियंता हरेंद्र चौहान ने बताया कि यह व्यवस्था कोई नई नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद से ही यात्रा मार्ग के सोनप्रयाग, सीतापुर और फाटा क्षेत्र से एकत्र कूड़ा रुद्रप्रयाग के ट्रंचिंग ग्राउंड में लाया जा रहा है। इसके एवज में संबंधित संस्था नगर पालिका को प्रतिमाह लगभग 1.50 लाख रुपये यूजर चार्ज के रूप में भुगतान भी करती है।
अधिशासी अभियंता के अनुसार नगर पालिका के ट्रंचिंग ग्राउंड में गीला, सूखा और अन्य प्रकार के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। उनका कहना है कि नगर पालिका निर्धारित प्रक्रिया के तहत कूड़ा प्रबंधन कर रही है और इस व्यवस्था से यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है।
वहीं, चारधाम यात्रा मार्ग पर सफाई व्यवस्था संभाल रही सुलभ इंटरनेशनल संस्था ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। संस्था के प्रबंधक धनंजय पाठक ने बताया कि केदारघाटी क्षेत्र में फिलहाल ऐसा कोई स्थायी ट्रंचिंग ग्राउंड उपलब्ध नहीं है, जहां यात्रा के दौरान एकत्र होने वाले कूड़े का निस्तारण किया जा सके। इसी कारण संस्था को रुद्रप्रयाग नगर पालिका के ट्रंचिंग ग्राउंड का उपयोग करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि संस्था तत्कालीन जिलाधिकारी के मौखिक निर्देशों तथा नगर पालिका की सहमति के आधार पर यह व्यवस्था संचालित कर रही है। उनके अनुसार चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में ठोस कचरा उत्पन्न होता है। यदि इस कूड़े का समय पर निस्तारण न किया जाए तो यात्रा मार्ग पर गंभीर स्वच्छता संकट पैदा हो सकता है।
हालांकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र की अपनी सीमाएं हैं और बाहरी क्षेत्रों का कूड़ा यहां लाने से पहले स्थानीय निकाय और जनता का विश्वास में लिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि प्रशासन को यात्रा मार्ग के लिए अलग और स्थायी कूड़ा निस्तारण केंद्र विकसित करना चाहिए, ताकि नगर क्षेत्र पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
फिलहाल इस विवाद के बाद रुद्रप्रयाग में कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर प्रशासन यात्रा मार्ग की स्वच्छता बनाए रखने की मजबूरी बता रहा है, तो दूसरी ओर स्थानीय जनप्रतिनिधि नगर क्षेत्र की पर्यावरणीय सुरक्षा और ट्रंचिंग ग्राउंड की क्षमता को लेकर चिंता जता रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस विवाद का समाधान किस तरह निकालता है और चारधाम यात्रा के दौरान कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।








Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked with *