बिजनौर की पुरानी रंजिश में चली थीं गोलियां, रायपुर फायरिंग कांड का खुलासा; तीन आरोपी गिरफ्तार

बिजनौर की पुरानी रंजिश में चली थीं गोलियां, रायपुर फायरिंग कांड का खुलासा; तीन आरोपी गिरफ्तार

रायपुर थाना क्षेत्र के छह नंबर पुलिया स्थित रिंग रोड पर शराब के ठेके के बाहर हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का दून पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह मामला किसी गैंगवार, लूट या रंगदारी से जुड़ा नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक शादी समारोह के दौरान हुए विवाद के बाद चली आ रही पुरानी रंजिश का परिणाम था। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अक्षय प्रधान और उसके अन्य फरार साथियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पांच विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों से पूछताछ की तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच के बाद पुलिस ने थानो रोड स्थित सौड़ा सरोली क्षेत्र से अरुण कुमार उर्फ छोटू (27), सन्नी कुमार (24) और आदर्श सिंह (19) को गिरफ्तार कर लिया।

घटना तीन जुलाई की रात करीब नौ बजे की है। बंजारावाला निवासी दिवाकर खंडूड़ी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह अपने दोस्तों नवीन राणा और रोहन कुमार के साथ छह नंबर पुलिया स्थित शराब के ठेके के बाहर खड़ा था। इसी दौरान तीन-चार युवक दौड़ते हुए आए और पिस्टल से दो राउंड फायर कर दिए। गोली लगने से नवीन राणा के कंधे में गंभीर चोट आई, जबकि वहां से गुजर रहे कमेंद्र शर्मा के पैर में भी गोली लगी। दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस के अनुसार शुरुआत में घटना की वजह स्पष्ट नहीं थी। लेकिन घायल कमेंद्र शर्मा से पूछताछ के बाद पूरे मामले की कड़ियां जुड़नी शुरू हुईं। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी अक्षय प्रधान निवासी कीरतपुर, बिजनौर और कमेंद्र शर्मा के बीच कुछ समय पहले बिजनौर में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान विवाद हुआ था। उसी विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच लगातार रंजिश चली आ रही थी।

जांच में यह भी सामने आया कि कमेंद्र शर्मा के गुरुग्राम में रहने वाले कुछ दोस्त लगातार अक्षय प्रधान को फोन कर गाली-गलौज और धमकियां दे रहे थे। इसी तनाव के बीच दोनों पक्षों ने देहरादून में मिलने का फैसला किया। कमेंद्र शर्मा अपने साथियों के साथ छह नंबर पुलिया पहुंचा, जहां अक्षय प्रधान अपने साथियों सन्नी और अरुण से मिलने आया था। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया। इसी दौरान फायरिंग हुई, जिसमें कमेंद्र शर्मा और नवीन राणा घायल हो गए।

एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ में उनकी घटना में संलिप्तता की पुष्टि हुई है। हालांकि उनके कब्जे से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी और मुख्य आरोपी अक्षय प्रधान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार वैध था या अवैध।

इस गोलीकांड के बाद छह नंबर पुलिया स्थित शराब के ठेके को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध भी तेज हो गया है। घटना के बाद लगातार दो दिनों तक स्थानीय नागरिकों और कांग्रेस नेताओं ने ठेके के बाहर धरना देकर इसे हटाने की मांग की। लोगों का आरोप है कि शराब ठेके के कारण इस इलाके में अक्सर लड़ाई-झगड़े और तनाव की स्थिति बनी रहती है, जिससे आसपास के लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

स्थानीय लोगों की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए एसपी देहात जया बलूनी ने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी। शराब ठेके के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी तथा शाम के समय नियमित रूप से चीता पुलिस की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के साथ पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

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