हरेला पर्व के अवसर पर जनपद उत्तरकाशी के भटवाड़ी तहसील अंतर्गत ग्राम सेंज स्थित श्री मलूक पीठ सेवा संस्थान न्यास में गुरुवार को “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, हरियाली को प्रोत्साहित करना तथा भावी पीढ़ियों को प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित करना रहा।
यह कार्यक्रम अनंतश्रीविभूषित श्रीमज्जगद्गुरु द्वाराचार्य, श्री अग्रपीठाधीश्वर एवं मलूकपीठाधीश्वर परम पूज्य स्वामी श्री राजेन्द्रदास देवाचार्य जी महाराज की पावन प्रेरणा से आयोजित किया गया। उनके मार्गदर्शन में आश्रम परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, हरियाली और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान एवं संवेदनशीलता का प्रतीक है। उत्तराखंड की लोक परंपराओं में हरेला का विशेष महत्व है। यह पर्व मनुष्य और प्रकृति के अटूट संबंध को मजबूत करता है तथा पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का भी स्मरण कराता है।
वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत पीपल, देवदार, बेलपत्र सहित कई छायादार एवं औषधीय महत्व वाले पौधों का रोपण किया गया। उपस्थित लोगों ने पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में संत श्री रामस्वरूप दास जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा खंड विकास अधिकारी भटवाड़ी अमित जी, जिला संघ चालक उत्तरकाशी हिमांशु शेखर जोशी, विजय चौहान, प्रांत संयोजक गंगा विचार मंच लोकेन्द्र सिंह बिष्ट, आश्रम प्रबंधक राघव सेमवाल, ग्राम सेंज के पूर्व प्रधान विनोद पंवार, गंगाराम नौटियाल, परमानन्द रतूड़ी सहित अनेक गणमान्य लोगों ने सहभागिता की।
साझा समूह उत्तरकाशी की महिलाओं ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें संगीता भंडारी, संगीता जोशी, वंदना चौहान, शांति गोपाल रावत, साधना जोशी, पूनम डोगरा, अंजना रावत, ऊषा धनाई, बीना मियां, कल्पना चौहान, रजनी सिंह, आशा कश्यप, उमा रावत, पंकज नाथ, सरिता भंडारी, ललिता सेमवाल, मीना मेहता, यशवंती सेमवाल तथा संगीता सेमवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज को प्रेरित करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वन क्षेत्र में कमी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण आवश्यक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। साथ ही यह संकल्प भी लिया गया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और संतुलित पर्यावरण मिल सके।








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