Home उत्तराखंड न्यूज़ सिलक्यारा टनल में हादसा: स्लैब गिरने से मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; श्रमिकों ने रोका काम
उत्तराखंड न्यूज़उत्तरकाशीसरोकार

सिलक्यारा टनल में हादसा: स्लैब गिरने से मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; श्रमिकों ने रोका काम

उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल में बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। टनल के भीतर निर्माण कार्य के दौरान ऊपर से शॉटक्रीट (स्लैब) का एक हिस्सा गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद निर्माण स्थल पर काम कर रहे अन्य श्रमिकों में भारी आक्रोश फैल गया। श्रमिकों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए काम बंद कर दिया और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की मांग की।

मृतक की पहचान झारखंड के बोकारो जिले के रहने वाले नरेश गंजू के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, नरेश गंजू टनल के भीतर नियमित निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक ऊपर से शॉटक्रीट का एक हिस्सा टूटकर उनके ऊपर गिर गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। साथियों ने तत्काल उन्हें बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद टनल में कार्यरत श्रमिकों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निर्माण कार्य रोक दिया। उनका कहना है कि टनल जैसे संवेदनशील और जोखिम वाले प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन होना चाहिए, लेकिन बार-बार सामने आने वाली घटनाएं यह संकेत देती हैं कि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता है। श्रमिकों ने मांग की कि हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन भी हरकत में आया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कंपनी के अधिकारियों, मौजूद कर्मचारियों और श्रमिकों से घटना की जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि हादसे के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

निर्माण कार्य करा रही कंपनी के महाप्रबंधक रविकांत सिंह ने कहा कि परियोजना में सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था। उनके अनुसार, हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है। कंपनी प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटना का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से हादसे की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार के लिए श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव विनोद कुमार सुमन ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) और जिला प्रशासन से घटना की रिपोर्ट तलब की। साथ ही राहत, बचाव और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए भविष्य में इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

गौरतलब है कि सिलक्यारा टनल पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही है। वर्ष 2023 में इसी टनल में हुए बड़े हादसे के बाद 41 मजदूर कई दिनों तक अंदर फंसे रहे थे, जिन्हें लंबे और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया था। उस घटना के बाद टनल परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों को और सख्ती से लागू करने की बात कही गई थी। ऐसे में ताजा हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है, जबकि श्रमिकों की मांग है कि मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता दी जाए, दोषियों की जवाबदेही तय हो और टनल के भीतर सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी श्रमिक को अपनी जान न गंवानी पड़े।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

उत्तराखंड में दिव्यांग युवाओं के लिए मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग योजना शुरू, UPSC-UKPSC की करेंगे तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं...