उत्तराखंड की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रामनगर-देहरादून-रामनगर स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रामनगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित कई जनप्रतिनिधि और रेलवे अधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश के विभिन्न राज्यों से बेहतर रेल संपर्क प्रदान करने के लिए व्यापक मास्टर प्लान तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ इस विषय पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है और भविष्य में उत्तराखंड से देश के कई प्रमुख शहरों के लिए नई ट्रेनें संचालित करने की योजना है।
रेल मंत्री ने कहा कि फिलहाल रामनगर-देहरादून स्पेशल ट्रेन सप्ताह में दो दिन संचालित की जाएगी। उन्होंने बताया कि उनकी इच्छा इसे प्रतिदिन चलाने की थी, लेकिन मुरादाबाद और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण नियमित संचालन अभी संभव नहीं हो पाया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस ट्रेन को दैनिक सेवा के रूप में संचालित करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस नई रेल सेवा से कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के बीच यात्रा पहले से अधिक आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन बढ़ेगा, जिसका सीधा लाभ पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र को मिलेगा। लंबे समय से दोनों मंडलों के बीच बेहतर रेल संपर्क की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है।
रेल मंत्री ने सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों की भी सराहना करते हुए कहा कि वे लगातार उत्तराखंड में नई रेल सेवाओं और रेलवे विकास परियोजनाओं के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून सहित राज्य के कई अन्य शहरों के लिए भी नई ट्रेनों की योजना तैयार की जा रही है। हालांकि, देहरादून रेल मार्ग के कुछ हिस्से वन क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं, जहां वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में रेलवे तकनीकी और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए समाधान खोज रहा है, ताकि यात्रियों की सुविधा और वन्यजीव संरक्षण दोनों सुनिश्चित किए जा सकें।
केंद्रीय रेल मंत्री ने यह भी कहा कि हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए देशभर से यात्रियों की मांग लगातार बढ़ रही है। मौजूदा समय में हरिद्वार रेलवे स्टेशन की क्षमता सीमित है। इसलिए ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को फीडर स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इससे हरिद्वार पर दबाव कम होगा और चारधाम यात्रा, योग, अध्यात्म तथा पर्यटन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में उत्तराखंड में रेलवे का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि रामनगर-देहरादून स्पेशल ट्रेन केवल एक नई रेल सेवा नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास की नई शुरुआत है। इससे पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा और पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि उत्तराखंड में अभी रेलवे और सड़क संपर्क के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य होने बाकी हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि कंडी मार्ग के निर्माण को भी जल्द आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट और केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जाएगा।
नई ट्रेन सेवा के शुभारंभ को उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे कुमाऊं और गढ़वाल के बीच आवागमन आसान होगा, पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी और यात्रियों को सड़क मार्ग के मुकाबले अधिक सुरक्षित और आरामदायक विकल्प उपलब्ध होगा। आने वाले समय में यदि इस ट्रेन का संचालन दैनिक कर दिया जाता है, तो इसका लाभ हजारों यात्रियों को मिलेगा और राज्य की रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।








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