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कैंची धाम में दर्शन के लिए लागू होगी ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था, रोजाना 25 हजार श्रद्धालुओं की सीमा का प्रस्ताव

उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़, यातायात जाम और अव्यवस्थाओं को नियंत्रित करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना पड़ सकता है। नैनीताल जिला प्रशासन ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर पर्यटन विभाग को भेज दिया है। हालांकि, व्यवस्था लागू करने के लिए शासन की मंजूरी मिलना अभी बाकी है।

 

प्रस्ताव के अनुसार, चारधाम यात्रा की तर्ज पर पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर कैंची धाम के लिए अलग पंजीकरण विंडो बनाई जाएगी। इसके माध्यम से श्रद्धालु अपनी यात्रा की तारीख चुन सकेंगे। प्रशासन का उद्देश्य मंदिर क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करने के साथ हल्द्वानी-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात का दबाव कम करना है।

रोजाना 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की तैयारी

कैंची धाम क्षेत्र की भार वहन क्षमता और उपलब्ध यातायात संसाधनों को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति देने का प्रस्ताव है। निर्धारित संख्या पूरी होने के बाद वेबसाइट पर पंजीकरण अपने आप बंद हो जाएगा और श्रद्धालुओं को अगली उपलब्ध तारीख चुनने का विकल्प दिया जाएगा।

प्रशासन के अनुसार, दो से चार अक्टूबर के दौरान प्रतिदिन लगभग 45 से 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने से क्षेत्र में भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हुई थी। ऐसे में पंजीकरण व्यवस्था के जरिए श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रित करने की योजना बनाई जा रही है।

ठहरने और पार्किंग की जानकारी भी देनी होगी

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पंजीकरण कराते समय श्रद्धालुओं को ठहरने और पार्किंग से संबंधित जानकारी भी देनी पड़ सकती है। इससे प्रशासन को वाहनों की संख्या और पार्किंग की जरूरत का पहले से अनुमान लगाने में मदद मिलेगी।

योजना के अंतर्गत अधिक वाहनों का दबाव होने पर हल्द्वानी में पार्किंग की व्यवस्था कर वहां से शटल सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं को कैंची धाम भेजने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में नियमित आवाजाही करने वाले स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।

हल्द्वानी सीमा पर जांच और स्थानीय लोगों को राहत

योजना के तहत हल्द्वानी की सीमा पर बैरियर लगाकर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ऑनलाइन पंजीकरण की जांच की जा सकती है। पंजीकरण में दर्ज संख्या के अनुसार ही उन्हें आगे जाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है।

वहीं, स्थानीय निवासियों को इस व्यवस्था से परेशानी न हो, इसके लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या अन्य मान्य स्थानीय पहचान पत्र के आधार पर प्रवेश देने की बात कही गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नौ अक्टूबर को हल्द्वानी में आयोजित व्यापारी सम्मेलन में कैंची धाम में पंजीकरण और श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया था।

नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के अनुसार, पंजीकरण व्यवस्था का प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा गया है। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।

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Hill Mail

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