‘नए विकल्प का संकल्प’ कार्यक्रम के दौरान राज्य स्वराज पार्टी की शुरुआत की गई। इस अवसर पर उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के सदस्यों और पदाधिकारियों ने नई पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। कार्यक्रम में प्रदेश के विकास, जनहित और जनभागीदारी से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता जताई गई। पार्टी का उद्देश्य जनता के सामने एक ऐसा राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करना है, जो राज्य के स्थानीय मुद्दों और लोगों की अपेक्षाओं को केंद्र में रखकर काम करे।
कार्यक्रम के दौरान त्रिभुवन चौहान ने कहा कि प्रदेश में एक नए राजनीतिक विकल्प की शुरुआत हो गई है। ‘हीरा’ चुनाव चिह्न के माध्यम से इस विकल्प को जनता के सामने रखा गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा आगामी विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ने की तैयारी कर रहा है। राज्य स्वराज पार्टी को इस राजनीतिक पहल के लिए मंच के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में उन विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां संगठन के पास मजबूत प्रत्याशी और चुनाव लड़ने की बेहतर संभावनाएं हैं। पार्टी पहले इन क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में संगठन का विस्तार होता है और जनसमर्थन बढ़ता है, तो राज्य स्वराज पार्टी उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।
कार्यक्रम में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे से जुड़े पदाधिकारियों के नामों की भी घोषणा की गई। देवेश्वर भट्ट को पार्टी का संस्थापक सदस्य बताया गया। वहीं, भरत रावत को अध्यक्ष, राजेंद्र भट्ट को महासचिव और चित्रपाल सजवान को कोषाध्यक्ष घोषित किया गया।
राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए नए राजनीतिक दलों और संगठनों की सक्रियता बढ़ रही है। ऐसे में राज्य स्वराज पार्टी की शुरुआत से प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है। हालांकि, पार्टी को चुनाव में कितना जनसमर्थन मिलता है और वह कितनी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल, ‘हीरा’ चुनाव चिह्न के साथ पार्टी ने अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने का ऐलान कर दिया है।




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