उत्तराखंड की डॉ. पूजा गौड़ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का मान बढ़ाया है। यूरोप के इटली स्थित बोलोनिया शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय समिट में उन्हें प्रतिष्ठित ‘चेंज मेकर पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित ‘इंटरनेशनल ईयर ऑफ द वुमेन फार्मर 2026’ के अवसर पर Agraya के तत्वावधान में आयोजित इस समिट में दुनिया के 40 से अधिक देशों ने प्रतिभाग किया। वैश्विक स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में भारत से डॉ. पूजा गौड़ को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए चुना गया।
डॉ. पूजा गौड़ को यह सम्मान महिला किसानों को विपणन से जोड़ने, FKKB सहकारिता के माध्यम से सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देने, व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। उनके प्रयासों का उद्देश्य महिलाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देना है।
इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए डॉ. गौड़ ने कहा कि यह उनके जीवन का बेहद महत्वपूर्ण क्षण है। उनके कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना पूरे देश और उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है। उन्होंने इस पुरस्कार को उन सभी महिलाओं और किसानों को समर्पित किया, जो उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में बदलाव के लिए काम कर रहे हैं।
डॉ. गौड़ ने कहा कि अब समय आ गया है कि युवा और महिलाएं पलायन छोड़कर गांवों की ओर लौटें। गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित करने के साथ मृदा और खेतों को बचाने के अभियान से जुड़ना जरूरी है। जैविक खेती को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र में नई क्रांति लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह दिन-रात महिलाओं और किसानों के उत्थान के लिए काम कर रही हैं और भविष्य में भी इसी निष्ठा के साथ अपने प्रयास जारी रखेंगी।
उन्होंने बताया कि कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में आने से पहले वह विप्रो समेत कई प्रतिष्ठित आईटी कंपनियों में काम कर चुकी हैं, जहां उन्हें अनेक पुरस्कार मिले। हालांकि, कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए मिला यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान उनके लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह उनके लिए एक नया क्षेत्र था।
राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर भी मिल चुके हैं कई सम्मान
डॉ. पूजा गौड़ को इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। इनमें भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली का नवोन्मेषी किसान सम्मान 2026, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय पंतनगर का प्रगतिशील कृषक सम्मान 2026 और उत्तराखंड सहकारिता विभाग का सहकारिता शक्ति सम्मान 2025 शामिल हैं।
इसके अलावा फार्म एन फूड दिल्ली प्रेस द्वारा कृषि सम्मान, कृषि जागरण-ICAR के राष्ट्रीय स्तर के MFOI मिलिनेअर फार्मर ऑफ इंडिया पुरस्कार, राज्य स्तरीय MFOI पुरस्कार तथा कृषि विपणन बोर्ड देहरादून द्वारा किसान श्री सम्मान से भी उन्हें नवाजा जा चुका है। डॉ. गौड़ की यह उपलब्धि महिला सशक्तीकरण, कृषि उद्यमिता और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रही महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है।




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