निर्वाचन आयोग की ओर से आवंटित चुनाव चिह्नों में हिमालयन क्रांति पार्टी को लैपटॉप और राज्य स्वराज पार्टी को हीरा चुनाव चिह्न दिया गया है। वहीं, उत्तराखंड क्रांति दल को कुर्सी और जन निर्माण पार्टी को केतली चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। इन चारों दलों को मिले चुनाव चिह्न आगामी चुनावी मुकाबले में उनकी पहचान का माध्यम बनेंगे।
जानकारी के अनुसार, इन चार दलों में से दो को हाल ही में चुनाव चिह्न आवंटित किए गए हैं, जबकि दो अन्य दलों को पहले ही चुनाव चिह्न मिल चुके हैं। निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत गैरमान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों को चुनाव चिह्न उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि वे चुनाव के दौरान अपनी अलग पहचान के साथ मैदान में उतर सकें।
छोटे दलों को मिलेगी अलग पहचान
चुनाव चिह्न किसी भी राजनीतिक दल के लिए मतदाताओं के बीच पहचान बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम होता है। खासकर गैरमान्यता प्राप्त दलों के लिए चुनाव चिह्न के जरिए अपनी बात जनता तक पहुंचाना आसान हो जाता है। चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक आवंटित प्रतीक का इस्तेमाल कर मतदाताओं को अपने संगठन से जोड़ने का प्रयास कर सकेंगे।
उत्तराखंड में क्षेत्रीय मुद्दों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए छोटे दल भी अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में चुनाव चिह्न आवंटित होना इन राजनीतिक संगठनों की चुनावी तैयारियों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
चारों दलों के चुनाव चिह्न पर नजर
- हिमालयन क्रांति पार्टी – लैपटॉप
- राज्य स्वराज पार्टी – हीरा
- उत्तराखंड क्रांति दल – कुर्सी
- जन निर्माण पार्टी – केतली
प्रदेश में चुनावी माहौल धीरे-धीरे बनने लगा है। ऐसे में आने वाले समय में इन दलों की संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और चुनावी रणनीतियों पर भी नजर रहेगी। अब देखना होगा कि आवंटित चुनाव चिह्नों के सहारे ये राजनीतिक दल प्रदेश की जनता के बीच कितनी मजबूत पकड़ बना पाते हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी कितनी प्रभावी मौजूदगी दर्ज कराते हैं।




Leave a comment