Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ स्पीकर ओम बिरला बोले, विरोध में भी गतिरोध न हो, यही विधायिका की मर्यादा है
उत्तराखंड न्यूज़

स्पीकर ओम बिरला बोले, विरोध में भी गतिरोध न हो, यही विधायिका की मर्यादा है

पीठासीन अधिकारियों के 79वें सम्मेलन का उद्घाटन करते स्पीकर ओम बिरला व सीएम रावत।

हिल मेल ब्यूरो, देहरादून

लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को देहरादून में दो दिनों तक चलने वाले भारत में विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों के 79वें सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि 98 वर्ष पुराने इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में सम्मिलित होकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। सार्थक व सकारात्मक विमर्श के लिए यह एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है।

पीठासीन अधिकारियों को दिया संदेश

स्पीकर ने कहा कि भारत में विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन ने नए विचारों के पारस्परिक आदान-प्रदान और विमर्श के लिए यह मंच प्रस्तुत किया है। ऐसे सम्मेलन के माध्‍यम से यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं कि पूरे देश में विधानमंडल अपने आप को बदलते समय के अनुरूप ढाल सकें। वर्तमान लोकसभा विविधता और बहुलवाद को परिलक्षित करती है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा में 36 राजनीतिक दलों के सदस्‍यों के अलावा 4 निर्दलीय सदस्य हैं। इनमें से 9 दलों के 10 से अधिक सदस्य और 15 दलों के एक-एक सदस्य हैं। ऐसे में पीठासीन अधिकारी की सदन के कुशल संचालन में और महत्वपूर्ण भूमिका हो जाती है। निर्वाचित प्रतिनिधि जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य करते हैं। जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही जनता के प्रति होती है।

सम्मेलन को संबोधित करते लोकसभा के स्पीकर।

ओम बिरला ने आगे कहा कि पीठासीन अधिकारी के रूप में हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सदस्‍य लोक महत्‍व के मुद्दे भी सदन में पूरी गंभीरता और तत्परता से उठा सकें। विरोध में भी गतिरोध ना हो, यही विधायिका की मर्यादा है और यही संसदीय लोकतंत्र की खूबसूरती भी है। वाद-विवाद हो, चर्चा हो, सहमति-असहमति भी रहे, मगर सदन की कार्यवाही निर्बाध रूप से चलनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि ई-संसद और पेपरलेस प्रणाली की दिशा में सांसदों के लिए ई-पोर्टल, ऑनलाइन संदर्भ सेवा व ई-ऑफिस प्रणाली उपलब्ध कराई गई है। आधुनिकीकरण के प्रयासों में हम सभा कक्ष में टैबलेट/लैपटॉप के प्रयोग पर भी विचार कर रहे हैं। कुछ राज्यों के विधानमंडलों ने भी डिजिटलाइजेशन में अच्छी प्रगति की है।

सीएम रावत ने भी किया संबोधित

विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों के इस सम्मेलन को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी संबोधित किया। इस दौरान स्पीकर ने उत्तराखंड विधानसभा द्वारा आयोजित लोक प्रदर्शिनी का भी उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में बंदियों द्वारा निर्मित उत्पादों सहित लोक संस्कृति को समेटे प्रदेश की विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल आकर्षण का केन्द्र हैं।

सम्मेलन को संबोधित करते सीएम रावत।

आपको बता दें कि एक दिन पहले मंगलवार को विभिन्न विधानमंडलों के सचिवों की विधान सभाओं/परिषदों के कार्यों से संबंधित पारस्परिक महत्व के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित हुई। लोक सभा की महासचिव श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा की गई पहलों के कारण 17वीं लोक सभा के दो सत्र अत्यंत उत्पादक रहे हैं, जिसमें सभा में मामलों को उठाने के लिए नए सदस्यों को अधिकाधिक अवसर प्रदान किए गए।

उन्होंने यह भी बताया कि माननीय लोक सभा अध्यक्ष के निर्देशों के अनुसार, सदस्यों की क्षमता के विकास के लिए सभा के समक्ष विचाराधीन विधेयकों पर संक्षिप्त जानकारी देने संबंधी 9 सत्रों का आयोजन किया गया था। एक अन्य पहल के रूप में, सदस्यों को अपने विधायी और संसदीय कर्तव्यों के निर्वहन में सहायता प्रदान करने के लिए एक सूचना और संचार केन्द्र की स्थापना की गई है।

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...