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कागज की जरूरत नहीं, राज्य में ई-कैबिनेट की शुरुआत

हिल मेल ब्यूरो, देहरादून

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में ई-कैबिनेट की शुरुआत की। इसका उद्देश्य पेपर पर निर्भरता को खत्म करना, समयबद्ध कार्रवाई के साथ ही संस्थागत मेमरी को विकसित करना है। आपको बता दें कि ई-कैबिनेट सिस्टम शुरू होने से कागज की भारी बचत होगी और इससे पर्यावरण को फायदा होगा। यह कदम ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता की दिशा में भी अहम है। अब भविष्य में जो भी कैबिनेट की बैठकें होंगी, वे सभी पेपरलेस होंगी।

इसका मतलब यह हुआ कि कागज की जगह प्रस्ताव, मंजूरी, चर्चा सबकुछ ऑनलाइन होगा। विभाग ने ई-कैबिनेट का पोर्टल भी तैयार कर लिया है। आगामी बैठकों के बारे में सूचनाएं जैसे स्थान, समय आदि ईमेल के जरिए कैबिनेट मंत्रियों को सूचित किया जाएगा।

इस सिस्टम के तहत सभी यूजर्स के पास एक ई-अकाउंट होगा। सभी की लॉगइन आईडी अलग-अलग होगी। बैठक की जानकारी जैसे फैसले आदि कुछ ही देर में ऑनलाइन अपलोड कर दिए जाएंगे और राज्य ही नहीं देश, विदेश का कोई भी व्यक्ति इसे देख सकेगा।

पहली ई-कैबिनेट के फैसले

8 जनवरी को हुई ई-कैबिनेट की पहली बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। गन्ने के समर्थन मूल्य को मंजूरी देने के साथ मानसरोवर यात्रा के लिए राज्य के लोगों को 25 हजार की जगह 50 हजार रुपये का अनुदान देने का फैसला किया गया है। गंगा गाय महिला डेयरी का लाभ कॉर्पोरेटिव के सभी सदस्यों को मिलेगा लेकिन महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। राजकीय महाविद्यालयों में खाली पड़े प्रवक्ता के पदों को एक साल के लिए अनुबंध के तहत भरने पर मुहर लगी। साथ ही प्रधानाचार्यों को पद भरने का अधिकार दिया गया। केदारनाथ धाम में आपदा के प्रभावितों के लिए राज्य सरकार भवन बनाएगी।

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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