हिल मेल ब्यूरो, देहरादून
उत्तराखंड के बहुचर्चित चार धाम देवस्थानम विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और इसके आसपास के मंदिरों का प्रबंधन अब चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के नियंत्रण में रहेगा। पिछले महीने विधानसभा से पारित होने के बाद इस बिल को राज्यपाल के पास भेजा गया था।
आपको बता दें कि बोर्ड बनाए जाने का कई पुजारियों, पुरोहितों और पंडों ने विरोध किया था। दिसंबर में पुरोहितों ने इस विधेयक के विरोध में धरना दिया था। हालांकि सीएम रावत ने साफ कहा है कि बोर्ड बनने के बाद मंदिरों से जुड़े पुजारी, न्यासी, तीर्थ पुरोहितों, पंडों और हक हकूकधारियों को वर्तमान में प्रचलित देव दस्तूरात और अधिकार पहले की तरह ही बने रहेंगे।
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सीएम ने कहा कि जब सरकार की तरफ से कोई सुधार किया जाता है तो उसकी प्रतिक्रिया होती ही है। हालांकि तीर्थ पुरोहितों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा। राज्य सरकार का साफ कहना है कि उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों पर देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों पर आने का मौका मिले और उन्हें अच्छी सुविधाएं मिले, इसके लिए ही चार धाम देवस्थानम विधेयक लाया गया है।
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