हिल मेल ब्यूरो, देहरादून
16 फरवरी 2019 को एक धमाके में शहीद हुए उत्तराखंड के लाल मेजर चित्रेश सिंह बिष्ट को मरणोपरांत ‘सेना मेडल’ दिया गया है। बुधवार को सेना दिवस पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने शहीद के पिता सुरेंद्र सिंह बिष्ट को मेडल सौंपा।
शहीद मेजर चित्रेश के अदम्य साहस और वीरता के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया है। बेटे के लिए जब पिता सुरेंद्र सिंह मेडल ले रहे थे तो वह काफी भावुक हो गए।
आपको बता दें कि पिछले साल 16 फरवरी को राजौरी में बम निरोधक दस्ते का नेतृत्व कर रहे मेजर चित्रेश सिंह बिष्ट आईईडी ब्लास्ट में शहीद हो गए थे। धमाका उस समय हुआ था जब वह एक बम को डिफ्यूज करने का प्रयास कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने एक अन्य बम को सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया था।
पढ़ाई में थे काफी तेज
आतंकियों ने इस इलाके में IED लगाया था। मेजर बिष्ट ने 25 बम डिफ्यूज किए थे। वह पढ़ाई में बहुत होनहार थे। मेजर रैंक के लिए हुई परीक्षा में उन्होंने नौवां स्थान हासिल किया था।
देहरादून का रहने वाला है परिवार
31 साल के मेजर बिष्ट उत्तराखंड में देहरादून के रहने वाले थे। परिवार में उनके माता-पिता हैं। मेजर बिष्ट भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से 2010 में पासआउट हुए थे। वह सेना की इंजीनियरिंग कोर में तैनात थे। उनके पिता एसएस बिष्ट उत्तराखंड पुलिस में थे। मेजर बिष्ट की 7 मार्च 2019 को शादी थी और उनकी शादी के कार्ड भी बंट चुके थे, उससे कुछ दिन पहले ही वह शहीद हो गए।



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