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मार्च तक विश्व पटल पर खिलेगा पिथौरागढ़, कश्मीर से होगी तुलना

जम्मू-कश्मीर के मशहूर ट्यूलिप गार्डन की तर्ज पर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भी एक ट्यूलिप गार्डन बनाया जा रहा है। यह देश का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन होगा। नैसर्गिक खूबसूरती से भरपूर पिथौरागढ़ जिले में नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में प्रयास चल रहे हैं और ट्यूलिप गार्डन इसी दिशा में एक अहम कदम है।
पिथौरागढ़ में ट्यूलिप गार्डन की स्थापना मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। पायलट प्रोजेक्ट के अन्तर्गत 04 फरवरी को मोस्टानू मंदिर परिसर के समीप लगभग एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में 25 हजार ट्यूलिप बल्ब लगाए गए। इस प्रयोग के अन्तर्गत मार्च 2020 मध्य तक ट्यूलिप खिलने की उम्मीद हैं, इस प्रयोग के परिणाम के आधार पर ट्यूलिप गार्डन की दस हेक्टेयर भूमि में डीपीआर तैयार की जायेगी।
 मुख्यमंत्री की 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना के तहत पिथौरागढ़ का मोस्टामानू क्षेत्र भी चिन्हित है। मोस्टामानू क्षेत्र के अन्तर्गत क्षेत्र में साहसिक खेल तथा देशी-विदेशी पर्यटकों हेतु अन्य सुविधायें जैसे ट्रैक रूट, केफेटेरिया आदि बनाए जाने की दिशा में कार्य चल रहे हैं।
पूरे उत्तराखंड में अभी कहीं ट्यूलिप गार्डन नहीं है। दिवंगत वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने मोस्टामानू के निकट ट्यूलिप गार्डन बनाने की योजना तैयार की थी। पूर्व में इसे वन विभाग के माध्यम से धरातल पर उतारने की योजना थी। बाद में इसकी जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंप दी गई।
Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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