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डिजिटल इंडिया की राह पर बढ़ा उत्तराखंड, ई-लाइफ सर्टिफिकेट की शुरुआत

हिल मेल ब्यूरो, देहरादून

उत्तराखंड डिजिटलीकरण की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को डिजिटल माध्यम से ई-लाइफ सर्टिफिकेट देने के लिए आईएफएमएस सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक ओर कदम बताया।

विदेश से भी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे सर्टिफिकेट

इस सॉफ्टवेयर की सहायता से राज्य के पेंशनर देश या विदेश, कहीं से भी अपना ई-लाइफ सर्टिफिकेट ऑनलाइन माध्यम से जमा करा सकेंगे।ई-लाइफ सर्टिफिकेट को सीएससी केंद्र से भरा जा सकेगा।

लाखों लोगों की परेशानी खत्म

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-लाइफ सर्टिफिकेट के माध्यम से राज्य के पेंशनरों को बहुत राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ष ई-लाइफ सर्टिफिकेट के लिए लाखों लोगों को परेशान होना पड़ता है। इस सेवा के शुरू होने से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को ट्रेज़री के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे पास के सीएससी केन्द्र से अपना ई-लाइफ सर्टिफिकेट ऑनलाइन जमा करा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के वृद्ध एवं अक्षम लोगों को सीएससी तक ना आना पड़े इसके लिए ई-लाइफ सर्टिफिकेट जमा करवाने की व्यवस्था भी की जा सकती है। ई-लाइफ सर्टिफिकेट अन्य राज्यों एवं विदेशों में रह रहे हमारे पेंशनर्स के लिए भी बहुत ही लाभदायक होगा। वे कहीं से भी अपना जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन जमा करा सकेंगे।

CM बोले, प्रदेश में ई-ऑफिस लागू

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ई-ऑफिस लागू किया गया है। ई-जीवन प्रमाण पत्र, ई-ऑफिस की दिशा में एक ओर कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश लगातार पेपरलेस व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

सर्टिफिकेट कैसे भरेंगे समझिए

सचिव अमित नेगी ने बताया कि सीएससी के लोगों के साथ इस संबंध में बैठक एवं ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जा रहे हैं। ई-लाइफ सर्टिफिकेट को कोषागार, उप कोषागार, सीएससी केंद्र, पर्सनल कंप्यूटर, टैब और मोबाइल ऐप से भी भरा जा सकेगा, स्वीकृत होने पर इसकी सूचना मोबाइल नंबर और ई मेल आईडी पर भी उपलब्ध होगी।

उन्होंने कहा कि कोषागार, पेंशन एवं हकदारी विभाग लगातार डिजिटल की दिशा में अग्रसर हो रहा है। लगभग 1,56,000 कर्मचारियों की पे रोल ई-सिस्टम से जेनरेट की का रही है। लगभग 1,52,000 पेंशनर्स और न्यू पेंशन स्कीम को भी ई-गवर्नेंस से जोड़ दिया गया है।

इस अवसर पर विधायक गणेश जोशी, मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रवींद्र दत्त, सचिव अमित नेगी एवं निदेशक कोषागार, पेंशन एवं हकदारी पंकज तिवारी भी उपस्थित थे।

इससे पहले जीवित प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए पेंशनरों को कोषागार जाना पड़ता था। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता था। इसके मद्देनजर पीएम मोदी ने हाल ही में इस सेवा का ऐलान किया था। अब उसे सभी राज्यों में भी शुरू किया जा रहा है। प्रदेश के पेंशनरों को अब जीवन प्रमाण पत्र के लिए कहीं भी भटकना नहीं पड़ेगा।

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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