Home उत्तराखंड न्यूज़ हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर 20 फीट ऊंचा हिमखंड पसरा
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हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर 20 फीट ऊंचा हिमखंड पसरा

 श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खोले जाएंगे। गुरुद्वारा गोविंदघाट के वरिष्ठ प्रबंधक सरदर सेवा सिंह ने बताया कि तीन सेना के जवानों के साथ गुरुद्वारा के सेवादार हेमकुंड साहिब के आस्था पथ के निरीक्षण के लिए गया था। उन्होंने बताया कि  सेवादरों की टीम गोविंदघाट लौट आई।

जल्द ही शुरू होगा बर्फ हटाने का काम
हेमकुंड साहिब यात्रा की तैयारियों को लेकर हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की टीम सेना के जवानों के साथ घांघरिया के लिए रवाना हुई थी। घाघरिया से हेमकुंड यात्रा मार्ग पर अटलाकोटी में आस्था पथ पर 20 फीट ऊंचा हिमखंड पसरा हुआ है। जल्द ही सेना के जवानों के द्वारा आस्था पथ से बर्फ हटाने का कार्य शुरू होगा।
हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि घांघरिया से आगे छह किमी आस्था पथ पर बर्फ जमी हुई है। जल्द सेना के जवान बर्फ हटाने का काम शुरू करेंगे।  हेमकुंड साहिब के साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की भी शुरुआत होनी है। चारधाम यात्रा के शुरुआती 15 दिनों में 10 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।इस बार पर धामों में भीड़ नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार ने विशेष रणनीति बनाई है। जिस तिथि का यात्रा पंजीकरण होगा, उसी दिन दर्शन करने की अनुमति होगी। इसके अलावा ऋषिकेश, हरिद्वार, विकासनगर, हर्बटपुर व नया गांव में ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा होगी। 30 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सरकार ने सुगम, सुखद व सुरक्षित यात्रा का प्लान बनाया है। प्रदेश सरकार दो से 31 मई की अवधि के दौरान प्रोटोकॉल के तहत वीआईपी अतिथियों से यात्रा में न आने का अनुरोध कर चुकी है। इस संबंध में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से सभी राज्यों के मुख्य सचिव को पत्र भेज कर वीआईपी के यात्रा से बचने का आग्रह किया गया।यात्रा के लिए श्रद्धालुओं ने जिस दिन का पंजीकरण कराया है। उन्हें उसी दिन धामों में दर्शन करने की अनुमति होगी। इसके अलावा धामों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ के आधार पर पंजीकरण कराया जाएगा।

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