Home विचार अजीत डोभाल ने जेएनयू के लेक्चर में दिया युवाओं को जिंदगी बदलने वाला मंत्र
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अजीत डोभाल ने जेएनयू के लेक्चर में दिया युवाओं को जिंदगी बदलने वाला मंत्र

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स्वामी विवेकानंद की 158वीं जयंती पर युवा महोत्सव के तहत जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आनलाइन तरीके से हिस्सा लिया। उन्होंने छात्रों को आनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि 1893 में शिकागो में सर्वधर्म सम्मेलन हुआ था। इसमें भारत की तरफ से स्वामी विवेकानंद सारगर्भित संबोधन से सबको प्रभावित किया। स्वामी विवेकानंद के संबोधन के बाद दुनिया ने हिंदुत्व को नए नजरिए से देखा।

अजीत डोभाल ने अपने संबोधन के दौरान भारतेंदु हरिश्चंद्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतेंदु जी ने भारत दुर्दशा लिखी। इसमें ब्रिटिश सरकार के दौरान भारत की दुर्दशा का वर्णन किया गया है। उन्होने लिखा है कि भारत की दुर्दशा देखी नहीं जा रही है। उन्होने कहा कि हम सौभाग्यशाली है कि खुली हवा में सांस ले रहे हैं।

युवाओं से उन्होने कहा कि भारत सर्वाधिक युवाओं की आबादी वाला देश है। युवा यदि ठान ले तो कुछ भी मुमकिन नहीं। युवा, देश को नए उमंग, उत्साह के साथ आगे ले जा सकता है। युवा, पूरी क्षमता से देश के विकास में योगदान दें तो कुछ भी असंभव नहीं है।

अजीत डोभाल ने जीवन में शिक्षा के महत्व, स्वामी विवेकानंद के विचारों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा, बिना शिक्षा के भारत मजबूत नहीं बन सकता। हमें एक ऐसा देश बनाना है जहां युवा उच्च शिक्षित हों। युवा ध्यान, साधना एवं योग में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं।

 

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Hill Mail

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