Sunday , 6 September 2026
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कोरोना काल में माउंट एवरेस्ट से आई उम्मीद जगाती तस्वीर, उत्तराखंड के लिए गर्व का पल

कोरोना महामारी के इस संकट के समय में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी से उम्मीद और ऊर्जा से लबरेज तस्वीर सामने आई हैं। जी हां, देवभूमि उत्तराखंड के सपूत आकाश नेगी ने माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) पर तिरंगा फहराया है। संयुक्त राष्ट्र संघ, अमेरिका में कार्यरत आकाश के पिता मातबर सिंह नेगी ने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते ‘हिल-मेल’ से कहा कि यह देहरादून और उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश के लिए गर्व का पल है।

उन्होंने कहा कि कोरोना के मुश्किल भरे दौर में ये तस्वीरें एक नई ऊर्जा से अपने मिशन में जुटने के लिए प्रेरित करती हैं। आकाश ने 23 मई को भारतीय समयानुसार सुबह 7.45 बजे एवरेस्ट फतह किया। आकाश के लिए यह सब इतना आसान नहीं था। कोरोना का खतरा तो था ही, साथ में खराब मौसम और हवाओं की स्थिति से चुनौतियां और भी बढ़ गई थीं। आसमान छूती चोटी से आकाश ने सभी देशवासियों को प्रार्थना और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया।

उनके साथ दो विदेशी भी माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने में कामयाब रहे। 30 साल के आकाश अपने पिता के साथ अमेरिका में ही रहते हैं। वह एक मल्टी नेशनल कंपनी में काम करते हैं। अगस्त्यमुनि ब्लॉक के जाखणी गांव से ताल्लुक रखने वाले मातबर सिंह नेगी और संतोष नेगी की दो संतानों में बड़े बेटे आकाश को बचपन से ही पर्वतारोहण का शौक था। उनके पिता बताते हैं कि आकाश 2007 से अमेरिका में पढ़ाई के बाद एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करने लगे, लेकिन पर्वतारोहण का जुनून कम नहीं हुआ। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा- आखिरकार आकाश ने कर दिखाया।

मातबर सिंह ने बताया कि आकाश 7 महाद्वीपों की 7 चोटियों को फतह करने का सपना संजोकर पर्वतारोहण की तैयारी कर रहा है। वह अफ्रीका के माउंट क्लीमंजारो, अमेरिका की माउंट डेनाली, दक्षिण अमेरिका की एकॉनकागुआ और अब एशिया में माउंट एवरेस्ट फतह कर चुका है। अब, उसका लक्ष्य यूरोप, अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटियों पर सफल पर्वतारोहण का है।

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Hill Mail

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