विश्व के कई देशों में कोरोना के मामले फिर से बढ़ने शुरू हो गये हैं ऐसे में भारत सरकार का चिन्तित होना स्वाभाविक है। अब केन्द्र सरकार ने फैसला किया है कि 18 साल के अधिक उम्र के सभी वयस्कों को कोविड़-रोधी टीके की बूस्टर डोज लगाई जायेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि 10 अप्रैल से 18 साल से अधिक आयु के सभी वयस्क प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटरों पर प्रीकॉशन यानी बूस्टर डोज लगवा सकते हैं। यह कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक होगी।
हाल ही में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर संसद में भी चिन्ता व्यक्त की गई थी। इसके बाद सरकार ने कहा था कि केन्द्र सरकार ने बूस्टर डोज लगाने की तैयारी कर ली है। भारत में कोविशील्ड की दो डोज के बीच का अंतर घटाकर 8 हफ्ते करने की सिफारिश की गई है। फिलहाल देश में 60 साल से अधिक आयु के सभी लोगों, फ्रंटलाइन वर्कर्स को ही बूस्टर डोज दी जा रही है। इसके अलावा 12 साल से अधिक आयु के बच्चों को भी कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है।
सरकार ने बताया कि 18 वर्ष से ज्यादा उम्र की 83 प्रतिशत आबादी को वैक्सीन की दो डोज लग चुकी है तथा 92 प्रतिशत को एक डोज वैक्सीन मिल गई है। 15 से 17 वर्ष की उम्र के 47 प्रतिशत बच्चों को कोवैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। 76 प्रतिशत को कम-से-कम एक डोज लगी है। हाल ही में केन्द्र सरकार ने 12 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों का टीकाकरण अभियान भी शुरू कर दिया है। इस आयु वर्ग को करीब 18 लाख वैक्सीन डोज दी जा चुकी है।
विश्व में फैली कोरोना वायरस महामारी का यह तीसरा साल है। इन तीन सालों के दौरान कई देशों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है। अब भारत में भी कोरोना की चैथी लहर आने की आशंका जताई जा रही है इसके अलावा विश्व के कई देशों में कोरोना के मामले भी बढ़ रहे हैं। इसलिए हम सबको चाहिए कि कोरोना के प्रति सावधानी बरते और जहां भी जायें मास्क पहन कर निकले।


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