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इंटरनेशनल ईयर ऑफ़ मिलेटस 2023 कार्यक्रम में बोले भास्कर खुल्बे, सब लोग संकल्प लें कि जो बीडा उठाया है उसे पूरा करेंगे

भास्कर खुल्बे ने कहा कि जब बात बिच्छू घास की आई तो मुझे वो अपने बचपन के दिन याद आ गये जब हम स्कूल में पढते थे तो तब हमें दो चीजों से बहुत डर लगता था एक था बिच्छू घास और दूसरा भूत। और जब आज बड़े हो गये तो बिच्छू घास आज ऐसा स्वरूप में मिलेगा यह भी नहीं पता था और भूत हमारा भविष्य बना देगा यह भी पता नहीं था।

रानीखेत में 1 फरवरी 2023 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ़ मिलेटस 2023 का आयोजन किया गया जिसमें कई वरिष्ठ लोगों ने हिस्सा लिया। सबसे पहले दीप प्रज्वलित कर इंटरनेशनल ईयर ऑफ़ मिलेटस 2023 उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर रानीखेत के देव तुल्य जनता ने पारंपरिक छलिया नृत्य, झोरा चांचरी से स्वागत किया। इस अवसर पर भारत के वरिष्ठ (आईएएस) प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार और वर्तमान में उत्तराखंड पयर्टन मंत्रालय में विशेष कार्यकारी अधिकारी भास्कर खुल्बे, उत्तराखंड सरकार में ग्राम्य विकास सचिव डॉ बीवीआर पुरुषोत्तम (आईएएस), अल्मोड़ा जिलाधिकारी वन्दना (आईएएस), सीडीओ अंशुल सिंह (आईएएस), संयुक्त मजिस्ट्रेट जय सिंह (आईएएस) उपजिलाधिकारी गौरव पांडे, संपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रानीखेत विधायक डॉ प्रमोद नैनवाल आदि लोग उपस्थित थे। डॉ नैनवाल ने इसके लिए अल्मोड़ा, रानीखेत, ताड़ीखेत की पूरी जनता को धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर भास्कर खुल्बे ने कहा कि इस जगह से मेरा बहुत पुराना संबंध है। मेरा जन्म रानीखेत में हुआ। मुझे सरकार के साथ लम्बे समय तक काम करने का अनुभव रहा है। डॉ प्रमोद नैनवाल जब कुछ दिन पहले मुझे दिल्ली में मिले तो उन्होंने कहा कि हम यहां की महिलाओं के उत्थान के लिए कुछ करना चाहते है और मैंने कहा ठीक हैं हम करेंगे। मैंने कहा मैं डॉ पुरूषोत्तम के साथ बात करूंगा और आपको एक हफ्ते में बताऊंगा। तब मेरे दिमाग में यह बात आई कि हम जो आज ट्रेनिंग करके बिच्छू घास की फाइवर और चाय बनायेंगे वह आगे चलकर एक कुशल उद्यमी बन सकते हैं। इसके लिए मैं डॉ नैनवाल को धन्यवाद देना चाहता हूं। जब बात बिच्छू घास की आई तो मुझे वो अपने बचपन के दिन याद आ गये जब हम स्कूल में पढते थे तो तब हमको दो चीज से बहुत डर लगता था एक था बिच्छू घास और दूसरा भूत। और जब आज बड़े हो गये तो बिच्छू घास आज ऐसा स्वरूप में मिलेगा यह भी नहीं पता था और भूत हमारा भविष्य बना देगा यह भी पता नहीं था।

डॉ नैनवाल की मैं जितनी भी प्रशंसा करूं वह शब्दों में समाहित नहीं हो सकता क्योंकि यहां पर हमारी उपस्थिति का जो श्रेय है वह उनको है। मुझे संस्कृत का एक श्लोक कहने का अवसर मिलता है स्वभावं न जहाति एव, साधुः आपद्रतोपि सन्। कर्पूरः पावकः स्पृष्टः, सौरभं लभतेतराम। – किसी भी बड़े व्यक्तित्व की आपातकाल में, परेशानी में, दुविधा में ही परीक्षा होती है और वह वैसे ही आचरण करता है जैसा जब कपूर आग में जलाते हैं वह आग से डरता नहीं है वह अपने चारों तरफ सुरभि, सुगन्ध फैला देता है वैसे ही डॉ नैनवाल है। आप लोग भाग्यशाली है कि आप लोगों को उन जैसा क्रमठ जनप्रतिनिधि मिला है इसलिए आप अपने लिए नहीं उनकी प्रतिष्ठा के लिए उनकी सामृद्धि के लिए यह संकल्प आज लें कि आप सिद्ध करेंगे कि जो हमने बीडा उठाया है उसे हम पूरा करेंगे। और मैं आज आप लोगों का उत्साह देख कर के पूरे तरीके से आस्वत हूं कि आप अवश्य ऐसा करेंगे और शायद छः महीने बाद हमें फिर आकर यहां नेटल फाइवर से बनी जैकेट और नेटल फाइवर से बना अंगवस्त्र पहनने का अवसर देंगे।

महामंडलेश्वर जी की सार्थक वाणी उनके आशीर्वाद और उनकी गरिमामयी उपस्थिति आज इस कार्यक्रम को आज ऐसा अद्भुत वातावरण दे रही है कि शायद ही मैंने अपने प्रशासनिक जीवन में देखा नहीं होगा। मैं आपको नमन करता हूं और यही आशा करता हूं कि आपका आशीर्वाद हम सब के ऊपर हमेशा रहेगा। आपने छलिया नृत्य देखा, बच्चों का झोरा चांचरी डांस देखा, सबके उत्साह में, सबकी प्रतिभा में एक नई सोच एक नई दिशा देखी गई। महामंडलेश्वर जी ने तीन परेशानियों के बारे में चर्चा की मैं भी उससे बहुत पीढ़ित हूं कि ऐसा क्यों हो रहा है। मुझे उम्मीद है कि अगर ये तीन खराबियां है तो हमारे साथ मन बचन करके त्रिगुण भी हैं जिन्हें हम अपनी निष्ठा से अपनी आस्था से अपने विश्वास से चाहें तो पा सकते हैं और हम जरूर पायेंगे ऐसा हमें विश्वास है। क्योंकि आप सामने देख रहे हैं कहीं एक छोटा सा बोर्ड लगा हुआ है। आज 2023 में मोटे अनाज पर सरकार भी जोर दे रही है और लोग भी मोटे अनाज को पसंद कर रहे हैं और ज्यादा से ज्यादा दाम देकर इसको खरीद रहे हैं।

भास्कर खुल्बे ने कहा कि मुझे आपको बताने में बड़ी खुशी हो रही है कि यह आप बहुत कम लोगों को पता होगा कि डॉ पुरुषोत्तम, सक्रेटरी, रूरल डेवलपमेंट ने कहा कि सर इंटरनेशनल मिलेटस डे मना रहे हैं फ्रूड प्रोग्राम में सब चीजें जोड़ते हैं मिलेटस को क्यों नहीं रखते हैं मैंने कहा आप भारत सरकार को प्रस्ताव लिखो मैं तुम्हारे साथ हूं। इन्होंने लिखा और आप इनकी शक्ति समझ सकते हैं कि भारत सरकार ने उसका अनुमोदन कर दिया है। वहीं बात हम नहीं वह इससे भी आगे गये और इन्होंने 1000 हजार मैटिक टन मंडवा प्रोक्रोयर कर दिया। पिछले साल जिस मंडवे को 20 रूपये में खरीदते थे इन्होंने इसे 35 रूपये में खरीदवा दिया। अब आप बताइये ऐसे सचिव का साथ अगर आपके कार्यक्रम के साथ हो तो उसकी सफलता को कौन रोक सकता है और रही बात टीम की तो नारी शक्ति इनके साथ है अगर आप सब लोगों का साथ रहे तो आप किसी भी दौर में पीछे नहीं रह सकते। मैं ज्यादा बोलने में विश्वास नहीं करता मैं काम करने में विश्वास रखता हूं और मैं हमेशा आप लोगों के साथ हूं। डॉ नैनवाल हमारे संपर्क सूत्र हैं आप जब बोलोगे मैं आपके सामने उपस्थित हो जाऊंगा और जितनी हम भलाई कर सकेंगे उतना मुझे अच्छा लगेगा।

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Hill Mail

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