राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित बैठकों में नितिन नवीन पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे। उनके पास विधानसभा स्तर से लेकर बूथ स्तर तक की विस्तृत जमीनी रिपोर्ट मौजूद थी। बैठक के दौरान उन्होंने न केवल जनप्रतिनिधियों की बात सुनी, बल्कि संगठनात्मक कमजोरियों और कमियों की ओर भी ध्यान दिलाया। सूत्रों के अनुसार, जब कुछ पदाधिकारियों ने आंकड़ों और बूथ प्रबंधन से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की तो राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तथ्यों के आधार पर तुरंत सुधार करते हुए स्पष्ट कर दिया कि संगठनात्मक कार्यों की उन्हें पूरी जानकारी है।
बैठक में उन्होंने कहा कि भाजपा को उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सरकार बनानी है तो सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में काम करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पार्टी के अंदरूनी मुद्दों और मतभेदों को सार्वजनिक मंचों या सोशल मीडिया तक नहीं पहुंचना चाहिए। उनका स्पष्ट संदेश था कि “घर की बात घर के भीतर ही रहनी चाहिए।”
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विधायकों को जनता के बीच अधिक सक्रिय रहने और विकास कार्यों को गति देने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने संगठन के अनुशासन को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर पार्टी हित में कार्य करना ही भाजपा की पहचान है।
बैठक में पिछले विधानसभा चुनाव में हारी 23 सीटों को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। नितिन नवीन ने इन सीटों पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी राज्यसभा और लोकसभा सांसदों की भी होगी। संगठन की ओर से इन सीटों पर पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की तैनाती की जाएगी ताकि बूथ स्तर तक पार्टी की पकड़ मजबूत की जा सके।
बैठक के दौरान संगठन की कार्यशैली को लेकर भी सख्ती देखने को मिली। एक पदाधिकारी ने दावा किया कि 100 बूथों पर संगठनात्मक कार्य किया गया है, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तत्काल सुधार करते हुए कहा कि वास्तविक संख्या 83 बूथों की है। इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी नेतृत्व केवल रिपोर्टों पर निर्भर नहीं है, बल्कि जमीनी स्थिति की पूरी जानकारी रखता है।
इस बीच बैठक में अरविंद पांडेय ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन पर भू-माफिया जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे उनकी और पार्टी दोनों की छवि प्रभावित हो रही है। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष ने उनसे पूछा कि वह आखिर चाहते क्या हैं। इस पर विधायक ने मामले की सीबीआई जांच की मांग रखी। जवाब सुनने के बाद संतोष ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें बैठने का संकेत दिया।
दिनभर चली बैठकों के बाद नितिन नवीन शाम को ऋषिकेश पहुंचे, जहां उन्होंने त्रिवेणी घाट पर आयोजित गंगा आरती में भाग लिया। इस अवसर पर पुष्कर सिंह धामी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और संत समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
उत्तराखंड दौरे के दौरान नितिन नवीन का यह संदेश साफ रहा कि आगामी चुनावों में सफलता के लिए संगठन को पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना होगा। अनुशासन, समन्वय और बूथ स्तर तक मजबूत संगठन ही भाजपा की जीत की नींव बनेगा।


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