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उत्तराखंड की सीमाएं भारत चीन बॉर्डर से लगती हैं। यहां पर नेलांग और जादुंग गांव मौजूद हैं, जो बॉर्डर विलेज हैं। ये गांव साल 1962 के भारत चीन युद्ध के समय खाली करा दिए गए थे। लिहाजा, इन गांवों को दोबारा बसाने की कवायद की जा रही है।
READ MOREनीति आयोग, भारत सरकार द्वारा जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, अल्मोड़ा और अन्तरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केन्द्र के साथ राजपुर रोड स्थित होटल में ‘स्प्रिंगशेड प्रबंधन एवं जलवायु अनुकूलनः भारतीय हिमालयी क्षेत्र में सतत विकास के लिए रणनीतियां’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हे.न. बहुगुणा विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल द्वारा लिखित पुस्तक ‘भारतीय हिमालय क्षेत्र एक सतत भविष्य की ओर’ का विमोचन किया गया।
READ MOREसंजय गुंज्याल 1997 बैच के उत्तराखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी गिनती उत्तराखंड के तेज तर्रार अधिकारियों में होती है। इस समय वह आईजी आईटीबीपी के पद पर डेपुटेशन पर तैनात हैं। उनका मानना है कि जब आप किसी पद पर होते हैं तो आपकी समाज के प्रति जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है क्योंकि एक छोटा दिखने वाला निर्णय जो एक पुलिस अधिकारी के रूप में लिया जाता है उसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं, जो कि लोगों के भाग्य और तकदीर को पूरी तरह से बदल भी सकते हैं।
READ MOREउत्तराखंड के दूर दराज में रह रहे ग्रामीण, योजनाओं की जानकारी के अभाव में उसका लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। इस पुस्तक के ग्राम सभा तक वितरण से उन योजनाओं के लाभ की जानकारी के साथ उनकी पात्रता एवं प्रक्रिया की भी सही एवं सटीक सूचना प्राप्त कर लोग योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
READ MOREउत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के विकास के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार नजर बनाये हुए हैं। वह डीएम चमोली से गैरसैंण विकास कार्यो की समय समय पर समीक्षा कर रहे हैं।
READ MOREदेहरादून में असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने असम राइफल्स के भूतपूर्व सैनिकों और वीर नारियों के साथ एक समागम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों की समस्याओं के बारे में जाना और उन समस्याओं का समाधान कैसे किया जाये उस बारे में विचार विमर्श किया।
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उत्तराखंड की पारंपरिक और महत्वपूर्ण नस्ल बदरी गाय के संरक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार भराड़ीसैंण में एक अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इस परियोजना के लिए लगभग 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
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उत्तराखंड के प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर परिसर में अब मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने यह निर्णय श्रद्धालुओं को शांत और अनुशासित वातावरण में दर्शन कराने तथा मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है।
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