[fvplayer id=”10″]
केदारनाथ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेली सेवा बुकिंग जल्द शुरू होने वाली है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया गया है।
READ MOREइस वर्ष केदारनाथ धाम की यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने हेली सेवा बुकिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर सेवा के टिकट केवल आईआरसीटीसी के माध्यम से ही ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।
READ MOREअप्रैल का महीना आमतौर पर पहाड़ों में वसंत और यात्रा की शुरुआत का संकेत देता है, लेकिन इस बार उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने अलग ही रूप ले लिया है। लगातार बर्फबारी और बारिश ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
READ MOREकपिल शर्मा ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया है। पॉलीहाउस के माध्यम से संरक्षित खेती, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, उन्नत किस्म के बीज और जैविक उर्वरकों के संतुलित उपयोग से उन्होंने कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन हासिल किया।
READ MOREभगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 22 अप्रैल को प्रातः 8 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्ण विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे।
READ MOREउत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद की ग्राम पंचायत क्यूडी दशज्यूला ने सामाजिक चेतना, महिला सशक्तिकरण और सामूहिक जिम्मेदारी का ऐसा अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।
READ MORE


[fvplayer id=”10″]

उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर केदारनाथ यात्रा की रफ्तार थाम दी है। गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक जाने वाले पैदल मार्ग पर कई संवेदनशील स्थानों पर भारी बोल्डर और मलबा गिरने के कारण प्रशासन को यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है तथा मार्ग को सुरक्षित बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
READ MORE
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। दान-चढ़ावे से जुड़े मामलों के बाद अब बद्रीनाथ धाम में वीआईपी दर्शन के नाम पर प्रति श्रद्धालु ₹1100 शुल्क वसूले जाने का मामला चर्चा में है। आरोप है कि यह शुल्क बिना बोर्ड की औपचारिक स्वीकृति के लागू किया गया, जिससे समिति की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
READ MORE