[fvplayer id=”10″]
चारधाम की यात्रा शुरू होते ही राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने पवित्र केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के दर्शन किए। उन्होंने यहां पहुंचकर भगवान से देश के सभी लोगों की सुख समृद्धि की कामना की।
READ MOREउत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। इस समय यहां पर हजारों श्रद्धालु चारों धामों में पहुंच रहे हैं। यहां पहुंचने वाले यात्रियों के लिए मंदिरों में चढ़ाने के प्रसाद, तिल, जौ, शहद की आवश्यकता होती है। जो कि यहां के स्वयं सहायता समूहों द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है।
READ MOREविश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर केदारनाथ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ परिसर में आयोजित मुख्य सेवक भंडारा में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस दौरान उन्होंने केदारनाथ की स्वच्छता में लगे पर्यावरण मित्रों, पुनर्निर्माण कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।
READ MOREभैरवनाथ को भगवान केदारनाथ के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद जो भी पहला मंगलवार व शनिवार आता है। उसी दिन भैरवनाथ के कपाट खोले जाते हैं। यह परम्परा सदियों से चली आ रही है।
READ MOREइस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं से बातचीत की। उनसे ट्रांसिट कैंप परिसर में व्यवस्थाओं के बारे में भी पूछा। मुख्यमंत्री से मिलकर श्रद्धालु काफी खुश और गदगद नजर आए।
READ MOREचारधाम यात्रा पर देश-विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद और सुगम हो इसके लिए राज्य सरकार एवं प्रशासन लगातार नए प्रयास कर रहा है। देश की सबसे कठिन पैदल यात्राओं में से एक श्री केदारनाथ धाम यात्रा ने इस दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित किया है।
READ MORE


[fvplayer id=”10″]

उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर केदारनाथ यात्रा की रफ्तार थाम दी है। गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक जाने वाले पैदल मार्ग पर कई संवेदनशील स्थानों पर भारी बोल्डर और मलबा गिरने के कारण प्रशासन को यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है तथा मार्ग को सुरक्षित बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
READ MORE
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। दान-चढ़ावे से जुड़े मामलों के बाद अब बद्रीनाथ धाम में वीआईपी दर्शन के नाम पर प्रति श्रद्धालु ₹1100 शुल्क वसूले जाने का मामला चर्चा में है। आरोप है कि यह शुल्क बिना बोर्ड की औपचारिक स्वीकृति के लागू किया गया, जिससे समिति की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
READ MORE