Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ मुख्यमंत्री धामी बोले अब चन्दा मामा दूर के नहीं हमारे पास के हो गये
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरदेहरादून

मुख्यमंत्री धामी बोले अब चन्दा मामा दूर के नहीं हमारे पास के हो गये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब चन्दा मामा दूर के नहीं हमारे पास के, हमारे घर के हो गये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस दिन यह इतिहास बना उस दिन स्कूली बच्चों के साथ वे इसके साक्षी बने थे। यह भी कारण रहा कि चाहते हुए भी वे उस दिन इस संस्थान में आकर वैज्ञानिकों से नहीं मिल पाये।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग (आई.आई.आर.एस.) में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संस्थान के साथ ही देहरादून एवं मसूरी स्थित केन्द्र एवं राज्य के विभिन्न वैज्ञानिक एवं तकनीकि संस्थानों के वैज्ञानिकों से संवाद कर उन्हें सम्मानित भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री युवा वैज्ञानिकों से भी संवाद कर उनसे भी विचार साझा किये। मुख्यमंत्री ने संस्थान परिसर में पौधरोपण भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा हमारे वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों से हमारे देश ने दुनिया में पहचान बनाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री को आधुनिक भारत का शिल्पी बताते हुए कहा कि उन्होंने विज्ञान व खेल सहित अन्य विभिन्न क्षेत्रों में हमारे लोगों का हौसला बढ़ाकर सफलता दिलाई है तथा आत्मविश्वास जगाया है। यह भविष्य में भारत के मिशन आदित्य सहित अन्य मिशनों में निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करने में सहायक होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आने वाले समय में भारत विश्वगुरू बनने के साथ नेतृत्व करने वाला भारत बनेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे मनाने, चंद्रयान-3 के लैंडिंग स्थल को शिवशक्ति प्वांइट तथा चंद्रयान 2 से जुड़े स्थल को तिरंगा प्वाइंट बताये जाने के लिए भी आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत कठिन से कठिन कार्यों को आसानी से हल करने वाला बना है। 2047 तक भारत विश्व के विकसित देशों में शामिल होगा तथा नेतृत्व करने वाला देश बनेगा। कोरोना काल का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में जहां विभिन्न देशों में अव्यवस्था रही, वही भारत ने इस दौर को व्यवस्थित ही नही किया बल्कि 11वीं से 5वीं अर्थव्यवस्था बनने में सफलता पाई।

उन्होंने सभी वैज्ञानिक संस्थानों से अपेक्षा की कि वे हमारे उदीयमान विद्यार्थियों को अपने संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित कराने की भी योजना बनाए। इससे हमारे देश के भावी कर्णधार देश व प्रदेश की चुनौतियों का सामना करने में सफल होगें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक की समस्याओं का समाधान उनकी अपेक्षानुसार तभी संभव होगा जब उनसे संवाद किया जायेगा। इकोलॉजी, इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी, एकाउंटेबिलिटी और सस्टेनेबिलिटी के पांच सशक्त स्तंभों पर व्यवस्थित मॉडल हमारे उत्तराखंड /25 के संकल्प के लिए आवश्यक है।

हमारा संकल्प है कि उत्तराखंड राज्य अपने सृजन की रजत जयंती वर्ष 2025 तक एक श्रेष्ठ राज्य बनकर उभरे तथा प्रधानमंत्री की घोषणानुरूप् 21वीं सदी के इस तीसरे दशक में समृद्ध और सशक्त रूप में स्थापित हो। उत्तराखंड का यह विकास मूलक मॉडल देश के अन्य हिमालयी राज्यों के लिये भी मार्गदर्शक मॉडल बने।

आई आई आर एस के निदेशक डॉ आर पी सिंह ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि यह संस्थान इसरो के 16 संस्थानों में एक है। विभिन्न देशों के वैज्ञानिक यहां आते है। ऑनलाइन स्टूडियो एवं लर्निंग सेंटरो के माध्यम से भी वैज्ञानिकों को प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था संस्थान द्वारा की जा रही है।

इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो दुर्गेश पंत, निदेशक आई.आई.पी. डॉ हरेन्द्र सिंह बिष्ट, डील के निदेशक डॉ ललित चन्द मंगल, इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट के निदेशक श्रीधर कट्टी, वाडिया संस्थान के निदेशक डॉ कालाचंद सेन के साथ अन्य संस्थानों के वैज्ञानिक एवं युवा वैज्ञानिक उपस्थित थे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...