अभियान के दौरान एसएसबी के कार्मिकों ने अलकनंदा नदी के तटीय क्षेत्र में पहुंचकर सामूहिक रूप से सफाई अभियान चलाया। कार्मिकों ने नदी किनारे और आसपास बिखरे कूड़ा-कचरे, प्लास्टिक तथा अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्र किया। इसके बाद एकत्रित कचरे को निर्धारित स्थान पर ले जाकर नियमानुसार निस्तारित किया गया। अभियान में कार्मिकों ने श्रमदान करते हुए नदी तट की सफाई की और स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश दिया।
एसएसबी कार्मिकों ने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और मानव जीवन का महत्वपूर्ण आधार हैं। अलकनंदा नदी उत्तराखंड की प्रमुख नदियों में शामिल है और धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से इसका विशेष महत्व है। ऐसे में नदी के तटों को साफ रखना और जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।
स्वच्छता अभियान के माध्यम से आम लोगों को भी यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि सार्वजनिक स्थानों, नदी तटों और प्राकृतिक क्षेत्रों में कूड़ा-कचरा नहीं फैलाना चाहिए। विशेष रूप से प्लास्टिक और अन्य गैर-जैविक कचरे का उचित निस्तारण जरूरी है, ताकि इसका असर नदियों, जलजीवों और आसपास के पर्यावरण पर न पड़े।
एसएसबी की ओर से लोगों से अपील की गई कि स्वच्छता को केवल किसी विशेष अभियान या दिवस तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत बनाया जाए। घर, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ नदी एवं प्राकृतिक क्षेत्रों की स्वच्छता के लिए भी प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान कार्मिकों ने “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” की भावना के अनुरूप सामूहिक सहभागिता का परिचय दिया। अभियान में श्रमदान के जरिए यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण तैयार किया जा सकता है।
अलकनंदा नदी के तट पर चलाए गए इस अभियान ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया। एसएसबी के इस प्रयास से नदी तट को साफ रखने के साथ लोगों को भी अपने आसपास के वातावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश मिला। अभियान के माध्यम से स्वच्छता के साथ जलस्रोतों के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। एसएसबी कार्मिकों ने श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता को व्यवहार में उतारने का संदेश दिया और लोगों से अलकनंदा सहित सभी नदियों एवं प्राकृतिक जलस्रोतों को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त रखने में सहयोग की अपील की।


Leave a comment