Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ सीएम धामी ने किया पर्यटन एवं आतिथ्य सम्मेलन का शुभारम्भ, देवभूमि में आने वाले श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं उपलब्ध हों
उत्तराखंड न्यूज़देहरादूनपर्यटन समाचार

सीएम धामी ने किया पर्यटन एवं आतिथ्य सम्मेलन का शुभारम्भ, देवभूमि में आने वाले श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं उपलब्ध हों

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीएमएस रोड, स्थित एक होटल में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित पर्यटन एवं आतिथ्य सम्मेलन-2022 का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन गतिविधियों पर आधारित वीडियो एवं थीम तथा चारधाम पैदल मार्ग के सर्वेक्षण पर आधारित डाॅक्यूमेंटरी का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने मोटरहोम एडवेंचर्स के सहयोग से प्रदेश में कारवां टूरिज्म को बढावा देने के लिये तैयार की गई कारवां, मोटरहोम का निरीक्षण भी किया। बताया गया कि कारवां टूरिज्म द्वारा पर्यटकों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए पॉलिसी बनाने पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। इस संभावनाओं के दृष्टिगत इस तरह के आयोजन समय-समय पर होने चाहिए। राज्य के लिए पर्यटन उद्योग रीढ़ की हड्ड़ी के समान है। प्रदेश की एक बड़ी जनसंख्या पर्यटन पर आश्रित है। सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण रूप से संकल्पित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की वजह से पिछले दो साल में सभी क्षेत्रों में लोगों को समस्याओं से जूझना पड़ा। कोरोना की वजह से लगभग सभी क्षेत्रों में लोगों के कार्य प्रभावित हुए। कोरोना काल में सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को राहत देने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश में चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं के आने की सम्भावनाएं हैं। यह हमारे लिए चुनौती भी होगी। हमारा प्रयास है कि देवभूमि उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं को प्रदेश में सभी सुविधाएं उपलब्ध हों। अतिथि देवो भवः उत्तराखंड की परम्परा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री ने नवम्बर 2021 में श्री केदारनाथ में कहा कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा। अभी तक जितने श्रद्धालु उत्तराखंड में आये हैं, उससे कई गुना अधिक श्रद्धालु आने वाले दस वर्षों में देवभूमि उत्तराखंड आयेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 में जब हम उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती मनाएंगे, उस समय उत्तराखंड हर क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में होगा।

उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने में उत्तराखंड की जनता की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हमें अपने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रहा है। सड़क, हवाई एवं रेल मार्गों का राज्य में तेजी से विस्तार हो रहा है। उद्योगों का रूझान राज्य की ओर तेजी से बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन उत्तराखंड के मूल में है। पर्यटन की अनेक गतिविधियों के लिए उत्तराखंड में परिस्थितियां अनुकूल हैं।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रयास है कि उत्तराखंड सेवा उपलब्ध कराने (सर्विस प्रोवाइडर) वाला राज्य बने। उत्तराखंड में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिले इसके लिए सरकार कार्य कर रही है। उत्तराखंड में चारधाम तो आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं ही, साथ ही राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के अन्य क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आकर्षित किया जाय। उत्तराखंड में अनेक पौराणिक स्थल एवं मंदिर हैं। पर्यटन आधारित गतिविधियों में भी उत्तराखंड में अनेक संभावनाएं हैं। पर्यटन मंत्री ने कार्याशाला में प्रतिभाग कर रहे विभिन्न क्षेत्रों के महानुभवों से अनुरोध किया कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने सुझाव अवश्य दें।

विधायक विनोद चमोली ने कहा कि राज्य की आर्थिकी में पर्यटन क्षेत्र महत्वपूर्ण है। धार्मिक पर्यटन के साथ ही उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन में अनेक संभावनाएं हैं। इस अवसर पर सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, उद्योग एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, चैम्बर ऑफ कॉमर्स, फिक्की एवं पर्यटन से जुड़े पदाधिकारी मौजूद थे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...